बदायूं। नगर पालिका परिषद क्षेत्र के छह सड़का, श्रीराम नगर और आवास विकास अन्य इलाकों में जनसुविधाएं पूरी तरह ठप हो गई हैं। हाल ही में हुई महज चार घंटे की बरसात ने नगर पालिका के ड्रेनेज सिस्टम और विकास के दावों की पोल खोलकर रख दी है। जगह-जगह हुए भारी जलभराव और चारों तरफ फैली गंदगी के कारण स्थानीय निवासियों का जीना मुहाल हो गया है। नगर पालिका का ‘तीन साल बेमिसाल’ का नारा जमीनी स्तर पर पूरी तरह फेल होता नजर आ रहा है।

स्थानीय निवासियों का कहना है भारी गंदगी और जलभराव जैसी गंभीर समस्याओं से जूझना पड़ रहा है, जिससे आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। पालिका प्रशासन का ‘तीन साल बेमिसाल’ का लोक-लुभावन नारा जमीनी हकीकत के आगे पूरी तरह फेल साबित हो रहा है।
जलभराव से प्रमुख इलाके बने टापू आवास विकास और श्रीराम नगर जैसे रिहायशी इलाकों में चार घंटे की बारिश के बाद सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया। नालियां चोक होने के कारण गंदा पानी लोगों के घरों के सामने जमा है। गंदगी और सड़न की वजह से संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रही है और नारकीय जीवन जीने को मजबूर है।

प्रशासनिक उदासीनता पर जनता का फूटा गुस्सा
लगातार बढ़ रही जनसमस्याओं और प्रशासनिक अधिकारियों की ढुलमुल कार्यशैली पर अब सीधे सवाल उठने लगे हैं। नागरिकों का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं। कागजी दावों और जमीनी हकीकत में जमीन-आसमान का अंतर साफ दिख रहा है, जिससे जनता में पालिका प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश व्याप्त है।