
रिपोर्ट/आलोक गुप्ता
बरेली। बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) ने अवैध निर्माण और बिना अनुमति विकसित की जा रही कॉलोनियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। कोचिंग सेंटरों पर कार्रवाई के बाद अब प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम ने थाना कैंट क्षेत्र में दो अवैध कॉलोनियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए मौके पर किए जा रहे निर्माण कार्यों को ध्वस्त कर दिया।

यह कार्रवाई बरेली विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष IAS सौम्या पांडे के निर्देश पर की गई। प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर बिना स्वीकृति के विकसित की जा रही कॉलोनियों में किए गए विकास कार्यों को हटाया और अवैध निर्माण को ध्वस्त कराया।

प्राधिकरण के अनुसार, ग्राम चनैटा स्थित बाबा नमेदेश्वर मंदिर के पास थाना कैंट क्षेत्र में जीतू पटेल द्वारा करीब 7000 वर्गमीटर क्षेत्रफल में “शिवधाम कॉलोनी” के नाम से कॉलोनी विकसित की जा रही थी। इस कॉलोनी को विकसित करने के लिए प्राधिकरण से आवश्यक अनुमति और मानचित्र स्वीकृत नहीं कराया गया था। मौके पर भूखंडों का चिन्हांकन, सड़क निर्माण, कॉलोनी का गेट, विद्युत पोल लगाने और बाउंड्रीवाल सहित अन्य विकास कार्य कराए जा रहे थे।

इसके अलावा ग्राम बारीनगाल थाना कैंट क्षेत्र में मुन्ना लाल राठौर द्वारा करीब 5000 वर्गमीटर क्षेत्रफल में बिना बरेली विकास प्राधिकरण की स्वीकृति के प्लॉटिंग और कॉलोनी विकसित करने का कार्य कराया जा रहा था। यहां भी सड़क और बाउंड्रीवाल समेत अन्य निर्माण कार्य किए जा चुके थे।
बरेली विकास प्राधिकरण ने उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम-1973 की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए दोनों अवैध कॉलोनियों के खिलाफ ध्वस्तीकरण अभियान चलाया। मौके पर पहुंची प्रवर्तन टीम ने जेसीबी की मदद से अवैध रूप से किए गए निर्माण और विकास कार्यों को ध्वस्त कर दिया।
पूरी कार्रवाई विशेष कार्याधिकारी अजीत कुमार सिंह के नेतृत्व में की गई। इस दौरान प्राधिकरण के अवर अभियंता सीताराम, अजीत कुमार साहनी और प्रवर्तन टीम के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।

बरेली विकास प्राधिकरण ने आम नागरिकों को भी चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि किसी भी जमीन पर प्लॉटिंग या निर्माण कार्य शुरू करने से पहले प्राधिकरण से मानचित्र स्वीकृति और आवश्यक अनुमति लेना अनिवार्य है। बिना स्वीकृत मानचित्र के विकसित की जा रही कॉलोनियां और किए जा रहे निर्माण पूरी तरह अवैध माने जाएंगे और उनके खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।