सीडीओ देवयानी सिंह के कुशल समन्वय में ग्राम्य विकास विभाग ने अभियान को बनाया जनआंदोलन


सीडीओ देवयानी सिंह के कुशल समन्वय में ग्राम्य विकास विभाग ने अभियान को बनाया जनआंदोलन
रिपोर्ट: आलोक गुप्ता
बरेली। प्रदेशव्यापी “वृक्षारोपण महायज्ञ–2026” के अंतर्गत शनिवार को जनपद बरेली में “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत विकास खंड बिथरी चैनपुर की ग्राम पंचायत अधलखिया में वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। पंचायत भवन के निकट एवं नदी किनारे स्थित अमृत सरोवर पर मियावाकी पद्धति से पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश शासन के प्रमुख सचिव, ग्राम्य विकास एवं ग्रामीण अभियंत्रण विभाग तथा जनपद बरेली के नोडल अधिकारी आईएएस सौरभ बाबू ने माननीय जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और ग्रामीणों के साथ पौधारोपण किया। उन्होंने आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है और प्रत्येक व्यक्ति को अपनी माँ के सम्मान में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए। उन्होंने पौधारोपण के साथ-साथ पौधों के संरक्षण पर भी विशेष जोर दिया।


कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों से “एक पेड़ माँ के नाम” तथा “पेड़ लगाओ, पेड़ बचाओ” का संकल्प दिलाया गया। बड़ी संख्या में महिलाओं, युवाओं, स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों और ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक अभियान में भाग लिया।
इस अभियान की सफलता के पीछे मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) देवयानी सिंह की प्रभावी कार्यशैली और बेहतर समन्वय की महत्वपूर्ण भूमिका देखने को मिली। सीडीओ के निर्देशन में ग्राम्य विकास विभाग एवं संबंधित अधिकारियों ने अभियान की व्यापक तैयारियां कीं, जिसके चलते कार्यक्रम सुव्यवस्थित, जनसहभागिता से परिपूर्ण और प्रेरणादायी रहा। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि वृक्षारोपण केवल औपचारिकता न रह जाए, बल्कि पौधों के संरक्षण और उनकी नियमित देखभाल की भी ठोस व्यवस्था बनाई जाए। उनके प्रयासों की

जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने भी सराहना की।..


मियावाकी पद्धति से लगाए गए पौधे भविष्य में घने हरित क्षेत्र का रूप लेकर पर्यावरण संरक्षण, भूजल संवर्धन तथा जैव विविधता को बढ़ावा देंगे। इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उन्हें सुरक्षित रखने का संकल्प भी लिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य केवल वृक्षारोपण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि लोगों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता पैदा कर हरित एवं स्वच्छ उत्तर प्रदेश के निर्माण में जनभागीदारी सुनिश्चित करना भी रहा। ग्रामीणों ने भी संकल्प लिया कि लगाए गए प्रत्येक पौधे की नियमित देखभाल करेंगे, ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण मिल सके।