
बरेली में मोहर्रम के जुलूस के दौरान यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित नजर आई। चौपला पुल से लेकर किला क्षेत्र तक निकाले गए जुलूस के चलते सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सैकड़ों वाहन घंटों तक जाम में फंसे रहे, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जुलूस के दौरान तेज आवाज में डीजे बजता रहा और भीड़ के कारण रास्ते बाधित हो गए। कई जगहों पर यातायात पूरी तरह रुक गया। हालात ऐसे रहे कि इमरजेंसी सेवाओं को भी परेशानी उठानी पड़ी। बताया गया कि एक एंबुलेंस को भी रास्ता नहीं मिल सका, जिससे पुलिस प्रशासन की यातायात व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए।
लोगों का कहना है कि पुलिस प्रशासन ने जुलूस को लेकर पहले से इंतजाम किए थे, लेकिन मौके पर व्यवस्था प्रभावी नजर नहीं आई। जाम खुलवाने और वाहनों को निकालने में पुलिसकर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। कई लोग अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए घंटों इंतजार करते रहे।
रात करीब 10.30 बजे तक कई इलाकों में जाम की स्थिति बनी रही। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि तेज आवाज में डीजे और भीड़ नियंत्रण को लेकर प्रशासन सख्ती नहीं कर पाया, जिसके कारण आम जनता को परेशानी झेलनी पड़ी।
मोहर्रम जैसे धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन की जिम्मेदारी होती है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ-साथ आम नागरिकों की सुविधाओं का भी ध्यान रखा जाए। इस घटना के बाद यातायात प्रबंधन और पुलिस इंतजामों को लेकर लोगों में नाराजगी देखने को मिली।