
बरेली में एयरफोर्स स्टेशन के आसपास हवाई सुरक्षा से जुड़े मामलों को लेकर मंडलायुक्त शम्भू कुमार की अध्यक्षता में पर्यावरण प्रबंधन समिति की बैठक हुई। बैठक में एयरफोर्स के अधिकारियों ने बर्ड एक्टिविटी, ड्रोन, अनधिकृत निर्माण, जलभराव, कूड़ा डंपिंग और आवारा पशुओं को हवाई उड़ानों के लिए संभावित खतरा बताया।
एयरफोर्स अधिकारियों के मुताबिक चावड़, भूड़ा, नैनीताल हाईवे और दिल्ली हाईवे के आसपास पक्षियों की गतिविधियां अधिक रहती हैं। वहीं नवंबर-दिसंबर में शादी-पार्टियों में वीडियोग्राफी के लिए ड्रोन उड़ाए जाने की समस्या भी सामने आती है। एयरफील्ड के आसपास मानक से अधिक ऊंचाई वाले निर्माण भी सुरक्षा के लिए चिंता का विषय हैं।


मंडलायुक्त ने एयरफोर्स क्षेत्र के आसपास बिना अनुमति निर्माण पर रोक, ऊंचे भवनों की सूची तैयार करने, पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने और अनधिकृत वेंडरों को हटाने के निर्देश दिए। साथ ही एयरफोर्स क्षेत्र के 10 किलोमीटर के दायरे में खुले में मीट की दुकानें संचालित न करने और मीट के अवशेषों का नियमानुसार निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा।

चावड़ में पानी भराव और जल निकासी की समस्या के समाधान तथा करमपुर चौधरी में बेहतर ड्रेनेज व्यवस्था के निर्देश भी दिए गए। एयरफोर्स क्षेत्र के आसपास सफाई व्यवस्था मजबूत करने और चावड़ में आरआरसी सेंटर के लिए उपयुक्त स्थान चिह्नित करने को कहा गया।
बैठक में एयरफोर्स क्षेत्र के आसपास बंदरों और कुत्तों की बढ़ती संख्या पर भी चर्चा हुई। नगर निगम को इन्हें पकड़ने के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।

अपर नगर आयुक्त ने बताया कि सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट में मौजूद करीब 21.5 लाख टन कूड़े में से 17.5 लाख टन का निस्तारण किया जा चुका है, जबकि शेष कूड़े के निस्तारण का काम जारी है। सथरापुर में नया मैनेजमेंट प्लांट भी तैयार हो रहा है।

बैठक में प्रशासन और एयरफोर्स के बीच समन्वय मजबूत करने के लिए किसी संभावित दुर्घटना की स्थिति में संयुक्त मॉक ड्रिल कराने की योजना भी बनाई गई।
बैठक में एडीएम सिटी अविनाश त्रिपाठी, BDA उपाध्यक्ष सौम्या पाण्डेय, एसपी सिटी मानुष पारेख, एयर कमांडर, एयरफोर्स के सुरक्षा एवं प्रशासनिक अधिकारी तथा बरेली एयरपोर्ट के प्रतिनिधि सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।