मौत का ‘खुला खेल’, कुकुरमुत्तों की तरह उगे अवैध जच्चा-बच्चा केंद्र!**सहसवान (बदायूँ):* उत्तर प्रदेश के बदायूँ जिले का सहसवान कस्बा इन दिनों अवैध चिकित्सा का गढ़ बनता जा रहा है। यहाँ गली-कूचों में बिना किसी पंजीकरण और बिना डिग्री धारक डॉक्टरों के ‘जच्चा-बच्चा केंद्र’ कुकुरमुत्तों की तरह उग आए हैं, जो सीधे तौर पर मासूम नवजातों और प्रसूताओं की जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। बिना डिग्री, बिना डॉक्टर: बस लूट की दुकान हैरानी की बात यह है कि इन केंद्रों पर न तो कोई क्वालिफाइड सर्जन है और न ही कोई विशेषज्ञ डॉक्टर। ‘झोलाछाप’ संचालकों के भरोसे प्रसव जैसे संवेदनशील ऑपरेशन किए जा रहे हैं। सूत्रों की मानें तो चंद रुपयों के लालच में ये केंद्र मानवता को ताक पर रखकर मौत का सौदा कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की चुप्पी पर बड़े सवाल इतने बड़े पैमाने पर चल रहे इस अवैध कारोबार पर स्वास्थ्य विभाग की रहस्यमयी चुप्पी अब जनता के गले नहीं उतर रही है। स्थानीय लोगों में चर्चा है कि: क्या विभाग को इन अवैध केंद्रों की जानकारी नहीं है? या फिर इन ‘मौत के केंद्रों’ को किसी सफेदपोश या रसूखदार का संरक्षण प्राप्त है? आख़िर किसके इशारे पर सहसवान की जनता की जान जोखिम में डाली जा रही है?ग्रामीणों में भारी आक्रोशक्षेत्र में लगातार हो रही लापरवाही और जच्चा-बच्चा की जान को खतरे में देख ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। स्थानीय निवासियों ने ज़िला प्रशासन और मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) से मांग की है कि: 1. इन अवैध केंद्रों की तत्काल *जांच* कर इन्हें सील किया जाए। 2. बिना डिग्री इलाज करने वाले संचालकों पर FIR दर्ज हो। 3. लापरवाह अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।अगर जल्द ही इन अवैध क्लीनिकों पर ताला नहीं लटका, तो किसी भी बड़े हादसे की जिम्मेदारी सीधे तौर पर प्रशासन की होगी।