
बरेली। 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन की ओर से पं. राधेश्याम कथावाचक सभागार (जीआईसी ऑडिटोरियम) में ‘एक शाम शहीदों के नाम’ शीर्षक से अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे ख्यातिलब्ध कवियों ने अपनी ओजस्वी, भावपूर्ण और राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत रचनाओं के माध्यम से अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। कवियों की प्रस्तुतियों से पूरा सभागार देशप्रेम की भावना से सराबोर नजर आया।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रसिद्ध कवयित्री डॉ. शुभम त्यागी ने मां गायत्री एवं सरस्वती वंदना से किया। इसके बाद मंच पर एक के बाद एक कवियों ने देशभक्ति, शौर्य, सैनिकों के बलिदान, सामाजिक सरोकार तथा राष्ट्रीय एकता और अखंडता से जुड़ी रचनाएं प्रस्तुत कीं। कभी ओजपूर्ण कविताओं ने श्रोताओं में जोश भरा तो कभी शहीदों के बलिदान पर प्रस्तुत मार्मिक रचनाओं ने लोगों की आंखें नम कर दीं।
‘राम भी बसता है, रहमान भी’ से दिया गंगा-जमुनी तहजीब का संदेश..
संत कबीरनगर से पहुंचे असद महताब ने अपनी प्रस्तुति में बरेली और देश की गंगा-जमुनी तहजीब तथा सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश दिया। उनकी पंक्तियां—
“ये संतों की जमीं है, जहाँ हिंदुस्तान बसता है, कहीं पर राम बसता है, कहीं रहमान बसता है”
ने सभागार में मौजूद लोगों को भावविभोर कर दिया। श्रोताओं ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनकी प्रस्तुति का स्वागत किया।

मनवीर मधुर की ओजपूर्ण प्रस्तुति ने भरा जोश
दिल्ली से आए कवि मनवीर मधुर ने अपनी ओजपूर्ण कविताओं से माहौल में जोश भर दिया। उनकी प्रस्तुति के दौरान सभागार तालियों से गूंज उठा। उन्होंने अपनी रचना के माध्यम से संघर्ष और वीरता की तस्वीर सामने रखी और कहा—
“दोनों ही पक्ष आये हैं तैयारियों के साथ, एक गर्दनों के साथ है, एक आरियों के साथ।”
मनवीर मधुर ने कार्यक्रम का संचालन भी प्रभावशाली अंदाज में किया और मंच को लगातार ऊर्जा प्रदान की।
शहीदों के बलिदान को याद कर भावुक हुए श्रोता
बरेली के कवि अमित शुक्ला ने स्वतंत्रता संग्राम में शहीद हुए वीरों के बलिदान को याद करते हुए मार्मिक प्रस्तुति दी। उनकी पंक्तियां—

“लिपटकर तिरंगे में जां सो रही थी, उधर भारती मां बहुत रो रही थी…”
ने सभागार में मौजूद लोगों को भावुक कर दिया। उनकी कविता के माध्यम से श्रोताओं ने स्वतंत्रता की कीमत और शहीदों के सर्वोच्च बलिदान को महसूस किया।
सैनिकों के बलिदान को बताया सर्वोच्च सम्मान
दिल्ली से पहुंचे कवि उपेंद्र पाण्डेय ने सैनिकों की वीरता और सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए कहा—
“सरहदों पर जां लुटाने से बड़ा बलिदान क्या होगा, तिरंगा खुद लिपटकर करने दे आराम, इससे बड़ा ईनाम क्या होगा।”
उनकी प्रस्तुति पर भी श्रोताओं ने जोरदार तालियों से उत्साहवर्धन किया।

‘तिरंगा ओढ़कर सो गए’ ने कर दिया भावुक
नोएडा से आए कवि सुदीप भोला ने देश की रक्षा करते हुए प्राण न्योछावर करने वाले वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उनकी पंक्तियां—
“वतन की देहरी के प्रहरी सो गए नींद गहरी, तिरंगा ओढ़ के वो सोये…”
सुनकर सभागार का माहौल भावुक हो उठा। लोगों ने खड़े होकर और तालियां बजाकर सैनिकों के प्रति सम्मान व्यक्त किया।
मुकेश कमल ने भी वीर सैनिकों और शहीदों को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए भावपूर्ण रचना प्रस्तुत की। बदायूं के दातागंज से पहुंचे मुकेश कमल की प्रस्तुति को भी श्रोताओं ने खूब सराहा।
देशभर से पहुंचे कवि
अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में नोएडा से सुदीप भोला, दिल्ली से मनवीर मधुर, मेरठ से डॉ. शुभम त्यागी, दिल्ली से उपेंद्र पाण्डेय, संत कबीरनगर से असद महताब, बरेली से अमित शुक्ला, दातागंज से मुकेश कमल और बरेली से रोहित राकेश ने काव्य पाठ किया।
कार्यक्रम का संचालन मनवीर मधुर एवं रोहित राकेश ने प्रभावशाली अंदाज में किया। मंच पर मौजूद कवियों ने अपनी-अपनी रचनाओं के माध्यम से शहीदों के त्याग, संघर्ष और बलिदान को नमन करने के साथ ही देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रप्रेम का संदेश दिया।

कार्यक्रम आयोजन ADM वित्त एवं राजस्व संतोष कुमार सिंह भी हैं शानदार कवि..
कार्यक्रम की एक खास बात यह भी रही कि अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व संतोष कुमार सिंह भी साहित्य और कविता के क्षेत्र में अपनी पहचान रखते हैं। वह भी कवि सम्मेलन के दौरान मंच पर मौजूद रहे। प्रशासनिक दायित्वों के साथ साहित्यिक अभिरुचि रखने वाले संतोष कुमार सिंह की मौजूदगी ने कार्यक्रम को और खास बना दिया।
सांसद, विधायक और MLC समेत अधिकारी रहे मौजूद
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित इस भव्य कवि सम्मेलन में जनप्रतिनिधियों, पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों और शहर के प्रबुद्ध नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
कार्यक्रम में बरेली सांसद छत्रपाल गंगवार, जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल, विधान परिषद सदस्य बहोरन लाल मौर्य, मीरगंज विधायक डी.सी. वर्मा, बिथरी चैनपुर विधायक डॉ. राघवेंद्र शर्मा, अपर पुलिस महानिदेशक रमित शर्मा, जिलाधिकारी अविनाश सिंह, नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य, अपर जिलाधिकारी प्रशासन पूर्णिमा सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व संतोष कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी नगर अविनाश त्रिपाठी, नगर मजिस्ट्रेट राजेश कुमार वर्मा, अपर जिलाधिकारी न्यायिक सहित बड़ी संख्या में जनसामान्य मौजूद रहे।
राष्ट्रप्रेम से सराबोर रहा पूरा सभागार..
‘एक शाम शहीदों के नाम’ केवल एक कवि सम्मेलन नहीं, बल्कि देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले अमर शहीदों को याद करने और नई पीढ़ी में राष्ट्रप्रेम की भावना मजबूत करने का भावपूर्ण अवसर बना। ओजस्वी काव्य पाठ के दौरान जहां देशभक्ति के नारों और तालियों की गूंज सुनाई दी, वहीं शहीदों के बलिदान पर आधारित रचनाओं ने कई मौकों पर लोगों को भावुक भी किया।