बदायूं। समरेर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र के एक गांव में तैनात आशा कार्यकर्ता पर प्रसव और टीकाकरण के नाम पर अवैध वसूली और ग्रामीणों को प्रताड़ित करने का गंभीर आरोप लगाया है। परेशान ग्रामीणों ने एकजुट होकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर आरोपी आशा कार्यकर्ता को सेवा से हटाने की मांग की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएमओ ने तत्काल जांच के आदेश दिए हैं।
प्रसव और सरकारी योजनाओं में अवैध वसूली का आरोप
मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सौंपे गए शिकायती पत्र में ग्रामीण राजीव कुमार सिंह, शिवकान्त शर्मा, विनोद कुमार, और राजेन्द्र सिंह सहित अन्य लोगों ने आरोप लगाया है कि गांव में तैनात आशा कार्यकर्ता मिथलेश का कार्य और व्यवहार अत्यंत खराब है। ग्रामीणों का कहना है कि वह गर्भवती महिलाओं के प्रसव और बच्चों के टीकाकरण जैसी निःशुल्क सरकारी सेवाओं के बदले अवैध रुपयों की मांग करती हैं। पैसे न देने पर ग्रामीणों के साथ दुर्व्यवहार करती है, जिसकी वजह से गांव की गरीब महिलाओं और बच्चों को सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है।
सीएमओ ने दिए तत्काल कार्रवाई के निर्देश
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने पत्र पर तत्काल संज्ञान लेते हुए कार्रवाई के लिए आदेश किए है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी को मामले की जांच सौंपते हुए “तत्काल कार्रवाई” करने के लिखित निर्देश जारी किए हैं। विभाग की इस त्वरित प्रतिक्रिया से ग्रामीणों में निष्पक्ष जांच की आस जगी है।