थाना अलापुर क्षेत्र के ग्राम इकरी का मामला; आरोपियों की पहचान के बावजूद पुलिस मौन
जिला पशु क्रूरता निवारण समिति की उपाध्यक्ष (एसएसपी) की कार्यशैली पर उठे सवाल
बदायूं। जनपद में बेजुबान जानवरों के खिलाफ क्रूरता के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला थाना अलापुर क्षेत्र से सामने आया है, जहां कुछ दबंगों ने मानवता को शर्मसार करते हुए एक बेजुबान मादा कुत्ते को मोटरसाइकिल के पीछे रस्सी से बांधकर बेरहमी से सड़क पर घसीटा। इस रूह कंपा देने वाली घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर पशु प्रेमियों और आम जनता में भारी आक्रोश है।
सड़क पर तड़पती रही बेजुबान, तमाशबीन बने रहे लोग
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वायरल वीडियो थाना अलापुर क्षेत्र के ग्राम इकरी का बताया जा रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि दो युवक मोटरसाइकिल पर सवार हैं और उन्होंने एक बेजुबान मादा कुत्ते को क्रूरतापूर्वक गाड़ी के पीछे बांध रखा है। वे मोटरसाइकिल को तेज रफ्तार में दौड़ा रहे हैं, जिसके कारण कुत्ता सड़क पर बुरी तरह घसीटता हुआ जा रहा है। वीडियो के आधार पर स्थानीय लोगों ने आरोपियों की पहचान ग्राम इकरी निवासी शहजादे के भाइयों के रूप में की है। बेजुबान जानवर दर्द से चीखता रहा, लेकिन बाइक सवारों का दिल नहीं पघला।
पशु क्रूरता निवारण समिति की सक्रियता पर खड़े हुए सवाल
इस वीभत्स घटना के बाद जिले की कानून व्यवस्था और पशु संरक्षण दावों की पोल खुल गई है। हैरान करने वाली बात यह है कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) स्वयं जिला पशु क्रूरता निवारण समिति की उपाध्यक्ष हैं। इसके बावजूद, पुलिस और प्रशासन इस तरह की घटनाओं को रोकने में नाकाम साबित हो रहे हैं। स्थानीय निवासियों और पशु कार्यकर्ताओं का आरोप है कि रसूखदारों के दबाव या प्रशासनिक शिथिलता के कारण दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई नहीं की जा रही है। जिले में आए दिन पशुओं पर हो रहे अत्याचारों से साफ है कि समिति सिर्फ कागजों पर ही सीमित रह गई है।
कानून को ठेंगा दिखा रहे हौसले बुलंद आरोपी
भारतीय कानून (BNS की धारा 325 और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960) के तहत किसी भी बेजुबान जानवर को प्रताड़ित करना या मारना एक गंभीर और संज्ञेय अपराध है। लेकिन अलापुर क्षेत्र में हुई इस घटना ने साबित कर दिया है कि अराजक तत्वों में कानून का कोई खौफ नहीं बचा है।
पशु प्रेमियों ने की सख्त कार्रवाई की मांग
घटना का वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोग लगातार बदायूं पुलिस और उच्च अधिकारियों को टैग कर आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग कर रहे हैं। पशु कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि जल्द ही ग्राम इकरी के इन नामजद आरोपियों पर मुकदमा दर्ज कर इन्हें जेल नहीं भेजा गया, तो वे उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे।अब देखना यह होगा कि जिला पशु क्रूरता निवारण समिति की उपाध्यक्ष इस गंभीर मामले का संज्ञान लेकर थाना पुलिस को क्या निर्देश देती हैं और बेजुबान को कब तक न्याय मिल पाता है।