सहसवान (बदायूं)। नमामि गंगे जैविक खेती परियोजना के अंतर्गत बुधवार को ब्लॉक परिसर सहसवान में जैविक किसान मेला एवं कृषक गोष्ठी का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को रसायन मुक्त जैविक खेती के प्रति जागरूक करना और गंगा नदी को प्रदूषण मुक्त रखने में किसानों की भूमिका को मजबूत करना रहा।
वरिष्ठ भाजपा नेता ने किया शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि वरिष्ठ भाजपा नेता विक्रांत यादव ने फीता काटकर और दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जैविक खेती न केवल हमारी धरती की उर्वरा शक्ति को बचाएगी, बल्कि किसानों की आय को भी दोगुना करेगी। उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही नमामि गंगे परियोजना की सराहना करते हुए किसानों से अधिक से अधिक जैविक खेती अपनाने का आह्वान किया।
अतिथियों का हुआ सम्मान
कार्यक्रम के दौरान जिला परियोजना समन्वयक बदायूं डॉ. विवेक कुमार गौरव को किसानों ने पटका पहनाकर सम्मानित किया, वहीं किसानों द्वारा मुख्य अतिथि विक्रांत यादव को राधा-कृष्ण का छायाचित्र भेंट कर सम्मानित किया गया।
किसानों को दी गई जैविक खेती की जानकारी
गोष्ठी में कृषि विभाग के सहायक विकास अधिकारी डॉ. अंजार अहमद ने जैविक खाद, जैविक कीटनाशक और फसल चक्र के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि जैविक खेती से लागत कम होती है और उत्पाद का बाजार में अधिक मूल्य मिलता है।
इस मौके पर वीटीएम सहसवान, पीपीएस दहगवां, प्रमाणीकरण संस्था से अवधेश कुमार, एडीओ पंचायत खालिद अली, एडीओ आईएसबी के.पी. सिंह सहित सभी क्षेत्रीय एलआरपी और विकासखंड के सैकड़ों प्रगतिशील किसान मौजूद रहे।
कार्यक्रम के अंत में किसानों ने जैविक खेती अपनाने और गंगा को स्वच्छ रखने का संकल्प लिया।