सहसवान। रविवार का दिन सहसवान के लिए खास बन गया। ब्लॉक परिसर में जब वरिष्ठ भाजपा नेता विक्रांत यादव का विशाल भंडारा सजा तो जनसैलाब उमड़ पड़ा। हजारों हाथ प्रसाद के लिए उठे और हर जुबान पर एक ही नाम था: विक्रांत यादव।
मां की याद में हर महीने महाप्रसाद
अपनी स्वर्गीय माता शांति देवी जी की याद को सेवा से जोड़ने वाले विक्रांत यादव का यह कोई पहला मौका नहीं। हर महीने बिना नागा यह भंडारा लगता है और हर बार रिकॉर्ड टूटता है। नेता कम, सेवक ज्यादा: यही पहचान बन चुकी है उनकी।
जनसेवा में नंबर वन
भंडारा हो, कंबल बांटना हो या स्वास्थ्य शिविर: विक्रांत यादव का नाम सबसे आगे रहता है। आए दिन कोई न कोई कार्यक्रम, कोई न कोई सेवा। जनता के बीच 24 घंटे हाजिर रहने वाले नेता अब सहसवान की धड़कन बन गए हैं। विरोधी भी मानते हैं कि जमीन से जुड़ाव में उनका कोई सानी नहीं।
मंच पर दिग्गज, पंडाल में जनता
भंडारे की रौनक बढ़ाने जिला पंचायत अध्यक्ष वर्षा यादव, कछला चेयरमैन जगदीश सिंह, ब्लॉक प्रमुख उझानी शिशुपाल सिंह पहुंचे। साथ में सौरभ गुप्ता, अबीर सक्सेना, अंकित सक्सेना, तूफान सिंह, सौरभ महेश्वरी, अवढर शर्मा, सुरेंद्र यादव समेत सैकड़ों कार्यकर्ता डटे रहे।
जनता बोली: ऐसा नेता न देखा
प्रसाद ग्रहण कर रहे लोगों की आंखों में संतोष और जुबान पर आशीर्वाद था। भीड़ से आवाज आई: राजनीति में ऐसे नेता कम मिलते हैं जो पद से पहले धर्म और सेवा को रखते हैं। विक्रांत यादव ने साबित कर दिया कि असली राजनीति जनता के बीच, जनता के साथ होती है।