बदायूं। कोतवाली सदर क्षेत्र के कुरऊ रोड स्थित ग्राम पंचायत चुंगी बाहर में तहसील राजस्व और पुलिस टीम ने न्यायालय के आदेश पर जमीन का मालिकाना हक दिलाते हुए निर्माण कराया। प्रशासन ने वर्ष 2017 के न्यायालय के स्टे आदेश को आधार मानते हुए पीड़ित खालिद को जमीन का मालिकाना हक दिलाया और पुलिस अभिरक्षा में निर्माण कार्य शुरू करा दिया है। लंबे समय से चल रहे भूमि विवाद में न्यायालय द्वारा दिए गए स्टे आदेश के आधार पर राजस्व टीम ने पीड़ित को उसकी जमीन का मालिकाना हक सुरक्षित कराया। साथ ही, मौके पर मुस्तैद रहकर विवादित स्थल पर शांतिपूर्ण तरीके से निर्माण कार्य भी शुरू करवा दिया है।

क्या है पूरा मामला?
कोतवाली सदर क्षेत्र के कुरऊ रोड स्थित ग्राम पंचायत चुंगी बाहर डायमंड बारात घर के सामने खालिद ने जमीन का बैनामा 2013 में कराया था। बैनामा होने के बाद से ही इस भूमि को लेकर विवाद की स्थिति बनी हुई थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए न्यायालय ने वर्ष 2017 में ही इस विवादित भूमि पर स्टे आदेश जारी कर दिया था। अदालत का आदेश होने के बावजूद विपक्षी दल लगातार भूमि पर अवैध दावा ठोक रहे थे और जमीन मालिक खालिद को निर्माण कार्य नहीं करने दे रहे थे।पीड़ित पक्ष ने बताया की एक कीमती भूमि पर कुछ स्थानीय दबंगों और विपक्षीगणों द्वारा अवैध रूप से कब्जा करने और निर्माण कार्य में बाधा डालने का प्रयास किया जा रहा था। विपक्षियों के उत्पीड़न से तंग आकर मैंने न्याय की गुहार लगाते हुए न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय ने उक्त भूमि पर विपक्षियों के खिलाफ स्टे आदेश जारी कर दिया था। और मुझे अपनी जमीन का मालिकाना हक दिला दिया।
राजस्व और पुलिस टीम ने मौके पर की कार्रवाई
विपक्षियों के उत्पीड़न और अदालत के आदेश की अवहेलना की शिकायत लेकर पीड़ित ने तहसील प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए उपजिलाधिकारी के निर्देश पर राजस्व निरीक्षकों और क्षेत्रीय लेखपाल की संयुक्त टीम कोतवाली सदर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। प्रशासनिक टीम ने कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए विपक्षियों को सख्त हिदायत दी और खालिद के मालिकाना हक को बहाल रखा।
पुलिस प्रशासन की सुरक्षा में शुरू हुआ निर्माण
विवाद की आशंका को देखते हुए मौके पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा। राजस्व और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में पीड़ित खालिद ने अपनी जमीन पर निर्माण कार्य शुरू करवा दिया है। प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से भू-माफियाओं और अवैध कब्जा करने वालों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का साफ कहना है कि न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और शांति भंग करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।