सहसवान, बदायूँ:जनपद के सहसवान क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर फल-फूल रहे अवैध कारोबार के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। शिकायतों के आधार पर आज स्वास्थ्य विभाग और तहसील प्रशासन की संयुक्त टीम ने छापेमारी की, जिससे क्षेत्र के झोलाछाप और अवैध अस्पताल संचालकों में हड़कंप मच गया।
जैसे ही एमओआईसी (MOIC) डॉ. प्रशांत त्यागी और नायब तहसीलदार मोहित कुमार भाटी के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम छापेमारी के लिए पहुंची, मौके पर मौजूद कई अवैध अस्पतालों के संचालक आनन-फानन में शटर गिराकर रफूचक्कर हो गए।
छापेमारी के दौरान सबसे बड़ा सवाल यही उठा कि यदि अस्पताल वैध हैं और उनके पास सभी आवश्यक दस्तावेज मौजूद हैं, तो फिर अधिकारियों को देखते ही शटर बंद क्यों किए गए यह स्थिति खुद ही इन संस्थानों की अवैधता को प्रमाणित करने के लिए काफी थी।
किसी को बख्शा नहीं जाएगा
कार्रवाई के दौरान एमओआईसी डॉ. प्रशांत त्यागी ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य मानकों के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। वहीं, नायब तहसीलदार मोहित कुमार भाटी ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप अवैध रूप से चल रहे चिकित्सा केंद्रों को चिन्हित कर बंद कराया जा रहा है।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि कोई भी व्यक्ति बिना पंजीकरण और मानक पूरे किए चिकित्सा कार्य करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्यवाही की जाएगी। प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और किसी भी अवैध संचालक को बख्शा नहीं जाएगा।
अचानक हुई इस छापेमारी के बाद स्थानीय लोगों में चर्चा है कि आखिर इतने दिनों से बिना वैध कागजातों के ये अस्पताल कैसे संचालित हो रहे थे। प्रशासनिक कार्रवाई से आम जनता ने राहत की सांस ली है और उम्मीद जताई है कि भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी ताकि आम मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ न हो सके। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि टीम के पहुंचने से पहले ही इन अवैध अस्पताल संचालकों को जानकारी कैसे प्राप्त हो जाती है।