बदायूं। कस्बा सहसवान क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग के दावों की धज्जियां उड़ाते हुए बिना पंजीकरण के अवैध रूप से अस्पतालों का संचालन धड़ल्ले से जारी है। ताजा मामला अकबरबाद चौराहा, ‘नवजीवन चिल्ड्रन हॉस्पिटल’ का सामने आया है, जो स्वास्थ्य विभाग की नाक के नीचे बिना किसी वैध रजिस्ट्रेशन के संचालित हो रहा है। यहां भर्ती नवजात, नौनिहालों की जान के साथ सरेआम खिलवाड़ किया जा रहा है। इस्लामनगर के माही हेल्थ केयर सेंटर मोहल्ला हाता निवासी 19 वर्षीय नरगिस पत्नी इलियास को प्रसव के लिए भर्ती कराया गया था। इलाज में लापरवाही के कारण प्रसूता और उसके नवजात शिशु की मौत हो गई। सीएमओ की टीम ने अपनी सक्रियता दिखाते हुए अस्पताल को सील कर दिया है।
भारी भरकम बोर्ड, सुविधाओं के नाम पर धोखा
कस्बे के मुख्य मार्ग पर स्थित इस कथित बाल अस्पताल के बाहर एक बड़ा चमचमाता बोर्ड टांगा गया है, जिस पर नवजात गहन चिकित्सा इकाई, वेंटिलेटर और फोटोथेरेपी जैसी गंभीर व आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होने का दावा किया गया है। लेकिन सूत्रों की मानें तो अस्पताल के भीतर न तो इन जटिल उपकरणों को संभालने के लिए योग्य बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर (पीडियाट्रिशियन) मौजूद हैं और न ही प्रशिक्षित पैरामेडिकल स्टाफ। गंभीर रूप से बीमार बच्चों को यहां भर्ती कर उनकी जिंदगी को सीधे तौर पर दांव पर लगाया जा रहा है।
अप्रशिक्षित स्टाफ के भरोसे मासूमों की सांसें
शहर से लेकर कस्बों तक के लोगों और मरीजों के तीमारदारों का आरोप है कि इस अस्पताल में मानकों की जमकर अनदेखी की जा रही है। बिना डिग्री और अनुभवहीन स्टाफ गंभीर रूप से बीमार नवजातों का इलाज कर रहे हैं। आपातकालीन स्थिति में नवजातों को तत्काल उच्च चिकित्सा केंद्रों पर रेफर करने की बजाय, तीमारदारों से मोटी रकम वसूलने के चक्कर में उन्हें घंटों रोक कर रखा जाता है, जिससे कई बार बच्चों की स्थिति बेहद नाजुक हो जाती है।
नियमों को ठेंगा, स्वास्थ्य विभाग मौन
नियमों के मुताबिक, किसी भी चिकित्सा संस्थान या बाल अस्पताल को संचालित करने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत पंजीकरण और फायर एनओसी सहित कई कड़े मानकों को पूरा करना अनिवार्य होता है। लेकिन इस अस्पताल के पास कोई वैध कागजात न होने की बात सामने आ रही है। इसके बावजूद, स्थानीय विभागीय अधिकारियों की रहस्यमयी चुप्पी क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि क्या विभाग किसी बड़ी अनहोनी या मासूम की जान जाने का इंतजार कर रहा है?
जल्द होगी बड़ी कार्रवाई: प्रशासन
इस संबंध में सीएमओ डॉ श्री मोहन झा ने कहा है जब जागरूक नागरिकों द्वारा शिकायत की बात कही गई, तो स्थानीय सूत्रों के अनुसार प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग हरकत में आता दिख रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही टीम पुलिस बल के साथ इस अवैध अस्पताल पर छापेमारी कर इसे सील करने और संचालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी में है।