बहेड़ी। लंबे समय से अपने बकाया गन्ना मूल्य भुगतान की प्रतीक्षा कर रहे किसानों के लिए शनिवार को एक महत्वपूर्ण और राहत भरा कदम उठाया गया। तहसील बहेड़ी सभागार में केसर चीनी मिल की कुर्क की गई भूमि की नीलामी प्रक्रिया शासन के निर्धारित नियमों एवं विधिक प्रावधानों के अनुरूप सफलतापूर्वक संपन्न कराई गई। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार यह क्षेत्र की एक ऐतिहासिक कार्रवाई रही, जिस पर हजारों किसानों की निगाहें टिकी हुई थीं।
नीलामी प्रक्रिया की निगरानी अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), जॉइंट मजिस्ट्रेट एवं उप जिलाधिकारी बहेड़ी, जिला गन्ना अधिकारी, पुलिस क्षेत्राधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारियों द्वारा की गई। किसान यूनियन के प्रतिनिधियों और आमजन की उपस्थिति में पूरी प्रक्रिया संपन्न कराई गई, जिससे पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित हो सके।


नामित नीलामी अधिकारी एवं तहसीलदार बहेड़ी द्वारा खुले मंच से बोली की कार्यवाही कराई गई। नीलामी के दौरान विभिन्न प्रतिभागियों ने बोली लगाई, जिसमें ₹28.05 करोड़ की सर्वोच्च बोली प्राप्त हुई। इस बोली को नियमानुसार अभिलेखित कर आगे की आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है।
नीलामी प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाए रखने के लिए सभागार में सीसीटीवी निगरानी, स्वतंत्र वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी की विशेष व्यवस्था की गई थी। नीलामी के प्रत्येक चरण का रिकॉर्ड सुरक्षित रखा गया तथा सभी पात्र इच्छुक पक्षों को निर्धारित नियमों के तहत भाग लेने का अवसर दिया गया।
प्रशासन का कहना है कि नीलामी से प्राप्त धनराशि का उपयोग केसर चीनी मिल पर बकाया गन्ना मूल्य भुगतान के निस्तारण में किया जाएगा। इससे बहेड़ी क्षेत्र के हजारों गन्ना किसानों को लंबे समय से लंबित भुगतान मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा। किसानों के हितों की रक्षा और उनके बकाया भुगतान को सुनिश्चित करने की दिशा में यह कार्रवाई एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।
स्थानीय किसानों और किसान संगठनों ने नीलामी प्रक्रिया के सफल संपादन पर संतोष व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई है कि अब वर्षों से लंबित गन्ना भुगतान शीघ्र ही किसानों के खातों तक पहुंचेगा, जिससे उन्हें आर्थिक राहत मिलेगी। प्रशासन ने भी स्पष्ट किया है कि किसानों के हित सर्वोपरि हैं और बकाया भुगतान की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा।