सावन का महीना आते ही चारों तरफ “बम-बम भोले” की गूंज सुनाई दे रही है।
दंहगबा सकरा घाट से आईं नन्हीं कावड़िया
सहसवान के दंहगबा सकरा घाट से आज कई छोटी-छोटी बालिकाएं हाथों में कलश लेकर निकलीं। सभी ने गंगा जल भरा और पैदल चलते हुए श्री सिद्ध मनोकामेश्वर नाथ धाम मंदिर पहुंचीं। रास्ते भर बच्चे “हर हर महादेव” और “बोल बम” के नारे लगाते हुए चले।
मंदिर पहुंचकर सभी बालिकाओं ने बड़े श्रद्धा भाव से भोलेनाथ के शिवलिंग पर जल अर्पित किया। पुजारी जी ने सभी को तिलक लगाया और प्रसाद दिया। बच्चों के चेहरे पर खुशी साफ दिख रही थी।
कहते हैं श्री सिद्ध मनोकामेश्वर नाथ धाम मंदिर बहुत चमत्कारी है। सावन में यहां देश के कोने-कोने से लोग आते हैं। मान्यता है कि जो भी सच्चे दिल से अर्जी लगाता है, भोलेनाथ उसकी मनोकामना जरूर पूरी करते हैं। इसीलिए इसे “मनोकामेश्वर” कहा जाता है।
मंदिर समिति के लोगों ने बताया कि इस बार भी दूर-दूर से श्रद्धालु आ रहे हैं और सावन भर भोले बाबा का जलाभिषेक चलता रहेगा।
छोटी उम्र में भी भक्ति और सेवा का भाव बहुत बड़ी बात है। इन बालिकाओं ने हमें सिखाया कि सच्ची श्रद्धा से किया गया हर काम भगवान तक पहुंचता है।