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बदायूं। थाना बिनावर क्षेत्र के ग्राम बिलहत में सात मई की शाम बारात देखकर घर लौट रही 11 वर्षीय बच्ची के साथ पूर्व प्रधान व उसके साथियों द्वारा गलत नीयत से छेड़छाड़ और विरोध करने पर घर में घुसकर लाठी-डंडों व तमंचे से मारपीट करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस आरोपियों पर मेहरबान है और शिकायत करने पर उल्टा उन्हीं को धमका रही है। मामले में नामजद आरोपियों को रसूखदारों के फोन पर थाने से छोड़ दिए जाने की भी बात कही गई है। पीड़िता अनीता वर्मा ने एसएसपी अंकिता शर्मा को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है।

क्या है पूरा मामला?
ग्राम बिलहत निवासी अनीता वर्मा पत्नी गुड्डू वर्मा ने एसएसपी को सौंपे शिकायती पत्र में बताया कि 7 मई की शाम करीब 8 बजे उनकी 11 वर्षीय पुत्री बारात देखकर घर लौट रही थी। आरोप है कि रास्ते में गांव के ही पूर्व प्रधान संजीव, मोरसिंह जाटव और उसके दोनों लड़कों ने बच्ची को दबोच लिया और गलत नीयत से नाजायज हरकत की कोशिश की। बच्ची किसी तरह छूटकर भागी और घर पहुंची।घर में घुसकर मारपीट व धमकीआरोप है कि कुछ देर बाद उक्त आरोपी लाठी-डंडे और अवैध तमंचा लेकर अनीता वर्मा के घर में घुस आए और अभद्रता करते हुए मारपीट की। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी।पुलिस पर मिलीभगत का आरोप पीड़िता का आरोप है कि घटना के बाद 112 नंबर पर सूचना दी गई, लेकिन पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शिकायतकर्ता के साथ ही अभद्रता की। हालांकि बाद में एएसपी द्वारा मोरसिंह और संजीव को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन आरोप है कि महेंद्र चंद्र गुर्जर नामक व्यक्ति के फोन करने पर पुलिस ने तुरंत दोनों को छोड़ दिया। सबसे गंभीर आरोप यह है कि पुलिस ने बच्ची का मेडिकल नहीं कराया और कहा कि प्राइवेट डॉक्टर से दिखा लो।10 मई को फिर दी धमकी, वीडियो मौजूद 10 मई को थाना बिनावर पुलिस ने शिकायतकर्ता को थाने बुलाकर फैसला करने का दबाव बनाया। जब पीड़िता ने मना किया तो आरोपियों ने पीछा कर धमकाया। इस घटना की वीडियो भी पीड़िता के पास मौजूद है। आरोपी लगातार एससी/एसटी एक्ट में के मुकदमे फंसाने की धमकी दे रहे हैं।

एसएसपी से न्याय की गुहार

पीड़िता ने एसएसपी से मामले में तत्काल रिपोर्ट दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पीड़िता ने चेतावनी दी है कि यदि उनके साथ कोई अनहोनी होती है, तो इसकी जिम्मेदार थाना बिनावर पुलिस और नामजद आरोपी होंगे।

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