
बरेली, 06 अगस्त। उत्तर प्रदेश शासन के आदेशानुसार वर्ष 2010 बैच के वरिष्ठ भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी शंभू कुमार ने बरेली मंडल के नए मंडलायुक्त के रूप में कार्यभार ग्रहण कर लिया है। उन्होंने बुधवार देर रात अपना पदभार संभाला। कार्यभार ग्रहण करने के बाद मंडलीय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया और नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं।

कार्यभार संभालने के बाद मंडलायुक्त शंभू कुमार ने स्पष्ट किया कि उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पूरी पारदर्शिता और प्रभावी तरीके से पहुंचाना होगा। उन्होंने कहा कि कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी सख्ती के साथ कार्य करेगा तथा इस विषय पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।

उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप विकास कार्यों में तेजी लाने, आमजन की समस्याओं का समयबद्ध समाधान करने तथा प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनाने के लिए सभी विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य किया जाएगा। जनता की शिकायतों के त्वरित निस्तारण और सुशासन को प्राथमिकता दी जाएगी।

शंभू कुमार इससे पहले पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (पीवीवीएनएल), लखनऊ में प्रबंध निदेशक के पद पर कार्यरत थे। अपने प्रशासनिक अनुभव के दौरान उन्होंने शासन स्तर और विभिन्न जनपदों में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। वे प्रबंध निदेशक, विशेष सचिव, जिलाधिकारी, रजिस्ट्रार, मुख्य विकास अधिकारी, संयुक्त मजिस्ट्रेट, सहायक कलेक्टर तथा कार्यकारी मजिस्ट्रेट जैसे महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं।

18 जुलाई 1983 को बिहार में जन्मे शंभू कुमार भारतीय प्रशासनिक सेवा के 2010 बैच के अधिकारी हैं और उत्तर प्रदेश कैडर से संबंधित हैं। उन्होंने बी.टेक की शिक्षा प्राप्त की है। प्रशासनिक दक्षता, बेहतर नेतृत्व क्षमता और विकासोन्मुख कार्यशैली के कारण उन्हें कई प्रतिष्ठित सम्मानों से भी नवाजा जा चुका है।

उन्हें वर्ष 2018 के स्वतंत्रता दिवस मेगा वृक्षारोपण अभियान में उत्कृष्ट योगदान, जिला स्तर पर प्रभावी नेतृत्व एवं समन्वय, चैंपियन ऑफ चेंज अवार्ड तथा दिव्यांगजनों के हित में उल्लेखनीय कार्यों के लिए सम्मानित किया जा चुका है।

बरेली मंडल के नए मंडलायुक्त के रूप में उनकी नियुक्ति को प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अधिकारियों और आमजन को उम्मीद है कि उनके अनुभव और नेतृत्व में शासन की योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन होगा, विकास कार्यों को गति मिलेगी तथा कानून-व्यवस्था और जनसेवा के क्षेत्र में सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे।