
बरेली। जिलाधिकारी अविनाश सिंह के नेतृत्व में जनसुनवाई (आईजीआरएस) प्रणाली के अंतर्गत शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण के प्रयासों का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। जनपद बरेली ने प्रदेश स्तरीय आईजीआरएस रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार करते हुए जुलाई माह में उत्तर प्रदेश में छठा स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि शिकायतों के प्रभावी निस्तारण, नियमित अनुश्रवण, शिकायतकर्ताओं की संतुष्टि तथा अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित किए जाने का परिणाम मानी जा रही है।
आईजीआरएस रैंकिंग में बरेली का यह प्रदर्शन पिछले दो महीनों की तुलना में काफी बेहतर रहा है। मई माह में जनपद को 17वीं रैंक और जून माह में 16वीं रैंक प्राप्त हुई थी। इसके बाद जिलाधिकारी के निर्देशन में सभी विभागों को शिकायतों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए गए। नियमित समीक्षा बैठकों के माध्यम से लंबित प्रकरणों की निगरानी की गई और शिकायतकर्ताओं से फीडबैक लेकर उनकी संतुष्टि सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। इन प्रयासों का परिणाम यह रहा कि जुलाई माह में बरेली ने 10 स्थान से अधिक की छलांग लगाते हुए प्रदेश में छठा स्थान हासिल कर लिया।
तहसीलवार प्रदर्शन की बात करें तो फरीदपुर तहसील ने सबसे बेहतर कार्य करते हुए प्रदेश में 25वीं रैंक प्राप्त की। इसके बाद मीरगंज तहसील को 34वीं रैंक मिली। वहीं बहेड़ी, सदर और आंवला तहसीलों ने 50वीं रैंक हासिल की। हालांकि नवाबगंज तहसील का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा और उसे 95वीं रैंक प्राप्त हुई। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता और गति में सुधार लाने के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने कहा कि जनसुनवाई प्रणाली का उद्देश्य केवल शिकायतों का निस्तारण करना नहीं, बल्कि शिकायतकर्ताओं को संतोषजनक समाधान उपलब्ध कराना भी है। इसके लिए सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक शिकायत का गंभीरता से परीक्षण कर निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही शिकायतकर्ता से संवाद स्थापित कर यह भी सुनिश्चित किया जाए कि उसे समाधान से संतुष्टि प्राप्त हुई है।
उन्होंने कहा कि जनपद प्रशासन का लक्ष्य आगामी महीनों में आईजीआरएस रैंकिंग में और बेहतर प्रदर्शन करते हुए प्रदेश की शीर्ष श्रेणी में स्थान प्राप्त करना है। इसके लिए सभी विभागों को नियमित अनुश्रवण, पारदर्शी कार्यप्रणाली और जवाबदेही के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का मानना है कि शिकायतों के प्रभावी निस्तारण से आमजन का शासन-प्रशासन पर विश्वास और अधिक मजबूत होगा।