Oplus_131072

बदायूं। तहसील बिसौली के ग्राम बगरैन में भू-माफियाओं के खिलाफ आक्रोश की आग ठंडी होने का नाम नहीं ले रही है। अपनी 96 बीघा निजी पैतृक संपत्ति (तालाब) को भू-माफियाओं के चंगुल से मुक्त कराने की मांग को लेकर बुधवार को मालवीय आवास गृह पर 36वें दिन अनिश्चितकालीन धरना जारी रहा। तालाब स्वामी रामबाबू कश्यप, तिलक चंदन और कमल कश्यप समेत कई लोग भीषण गर्मी, आंधी और बरसात के बीच धरना स्थल पर डटे हुए हैं। आंदोलनकारियों ने जिला प्रशासन पर मौन रहने और तहसील प्रशासन पर भू-माफियाओं से साठगांठ करने का सीधा आरोप लगाया है।

करोड़ों का मछली व्यापार, 10 साल से पीड़ित दाने-दाने को मोहताज

तालाब स्वामी रामबाबू कश्यप ने बताया कि उनका 96 बीघा का निजी तालाब है, जिस पर भू-माफिया जबरन कब्जा जमाए बैठे हैं। इस तालाब में माफियाओं द्वारा अवैध रूप से करोड़ों रुपये का मछली व्यापार किया जा रहा है, जबकि असली मालिक होने के बावजूद उन्हें पिछले 10 वर्षों से एक रुपये की आय भी नहीं मिली है। पीड़ितों का आरोप है कि इस खेल में सरकारी तंत्र भी शामिल है। इसके अलावा, ग्राम सभा के 154 बीघा सरकारी तालाब पर भी भू-माफियाओं ने अवैध कब्जे कर मकान खड़े कर दिए हैं।
अधिकारियों के झूठे आश्वासनों से तंग आ चुका हूँ”पीड़ित रामबाबू कश्यप ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए कहा, “मैं अपनी जमीन के लिए 1 मार्च 2022 से लगातार संघर्ष और धरना दे रहा हूँ। हाल ही में एसडीएम बिसौली से सकारात्मक वार्ता हुई है जिसके बाद कार्रवाई का भरोसा मिला था। लेकिन एक हफ्ता बीत जाने के बाद भी धरातल पर कोई नतीजा नहीं निकला।” उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों के झूठे आश्वासन केवल मामले को टालने के लिए हैं और जिला प्रशासन पूरी तरह भू-माफियाओं के साथ मिला हुआ है।

मामला अब बेहद संवेदनशील मोड़ पर पहुंच चुका है। रामबाबू कश्यप ने ऐलान किया है कि अब वे पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा, “खाली हाथ घर वापसी का कोई सवाल ही नहीं उठता। या तो मेरी अंतिम यात्रा जाएगी या फिर मैं अपना तालाब मुक्त कराकर ही दम लूंगा।” पीड़ित ने भू-माफियाओं द्वारा जान से मारने की धमकी मिलने की बात कहते हुए अपनी हत्या की आशंका भी जताई है। प्रशासन से उन्होंने कहा कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला, तो वे आत्मदाह करने को मजबूर होंगे।
भाकियू के मंडल प्रवक्ता, ने आंदोलन को दिया समर्थन
सोमवार दोपहर मंडल प्रवक्ता राजेश कुमार सक्सेना धरना स्थल पहुंचे। उन्होंने आंदोलनकारियों से मुलाकात कर उनका हाल जाना और इस लड़ाई में उन्हें पूरा समर्थन देने का भरोसा दिया। धरना स्थल पर मौजूद अन्य आंदोलनकारियों ने एक सुर में कहा कि अब न्याय होकर ही रहेगा। हक की इस लड़ाई में वे अपनी कुर्बानी देने को भी तैयार हैं, लेकिन भू-माफियाओं और भ्रष्ट तंत्र के आगे घुटने नहीं टेकेंगे।