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सहसवान नगर के बिसौली बस स्टैंड से मृधा टोला तक के इलाके में 21 घंटे तक बिजली गुल रहने से लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। 26 जून सुबह 11 बजे से 27 जून सुबह 8 बजे तक क्षेत्र की आपूर्ति ठप रही। इस दौरान उपभोक्ताओं को मात्र 3 घंटे ही बिजली नसीब हुई।

इनवर्टर-फ्रिज ने दिया जवाब, रात जागकर काटी
लगातार बिजली न आने से घरों के इनवर्टर डिस्चार्ज हो गए और फ्रिज बंद हो गए। भीषण गर्मी में पीने के पानी की किल्लत खड़ी हो गई। लोग पूरी रात जागकर काटने को मजबूर हुए। डॉ. प्रवीन माहेश्वरी के आसपास के उपभोक्ताओं ने बताया कि बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई।

लाइनमैनों का आरोप ओवरलोड में बंद है”
उपभोक्ताओं का आरोप है कि शिकायत करने के लिए जब विद्युत विभाग व लाइनमैनों को फोन मिलाया गया तो सभी के फोन स्विच ऑफ मिले। जब किसी तरह संपर्क हुआ तो लाइनमैनों ने जवाब दिया कि “ओवरलोड के चलते लाइट बंद है”।

भेदभाव का आरोप: डार्लिंग रोड पर बिजली चालू, मृधा टोला अंधेरे में
स्थानीय लोगों ने विभाग पर भेदभाव का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि डार्लिंग रोड और आसपास के इलाकों में आपूर्ति सुचारू रूप से दी जा रही थी, जबकि केवल मृधा टोला का ट्रांसफार्मर बंद कर दिया गया। उपभोक्ताओं का कहना है कि इस तरह चुनिंदा इलाके की बिजली काटने से सैकड़ों परिवारों का जीवन संकट में पड़ गया है।

UPPCL के मानकों के मुताबिक शहरी क्षेत्र में 24 घंटे में अधिकतम 2 घंटे से ज्यादा का शटडाउन नहीं होना चाहिए। ओवरलोड की स्थिति में भी रोस्टर सभी क्षेत्रों में समान रूप से लागू किया जाना चाहिए।

फिलहाल उपभोक्ताओं ने विद्युत विभाग के उच्च अधिकारियों से जांच कर दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई और नियमित आपूर्ति की मांग की है।