सहसबान- मानसून से पहले बाढ़ जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए आज सहसवान तहसील के ग्राम खागी नगला स्थित गंगा घाट पर बाढ़ राहत एवं बचाव की वृहद मॉक ड्रिल आयोजित की गई। राजस्व विभाग, NDRF और स्थानीय प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में हुए इस अभ्यास में बचाव टीमों की क्षमता और विभागीय समन्वय को परखा गया।

अभ्यास के तहत गंगा में नाव पलटने की सूचना मिलते ही गोताखोरों और SDRF की टीम तुरंत सक्रिय हुई। मोटरबोट और विशेष उपकरणों की मदद से डूब रहे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। डीप डाइविंग तकनीक से पानी के अंदर फंसे लोगों का रेस्क्यू किया गया।

कंट्रोल रूम में सूचना मिलते ही पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन और राजस्व विभाग की टीमें मिनटों में गंगा घाट पहुंच गईं। वायरलेस सेट पर लगातार निर्देश देते अधिकारियों ने सभी विभागों के बीच तालमेल को मजबूत किया।

रेस्क्यू किए गए घायलों को मौके पर बनाए गए मेडिकल कैंप में प्राथमिक उपचार दिया गया। गंभीर स्थिति वाले व्यक्तियों को तुरंत एंबुलेंस से अस्पताल भेजने का अभ्यास किया गया। लाइफ जैकेट, स्ट्रेचर और अत्याधुनिक रेस्क्यू उपकरणों के सही इस्तेमाल का डेमो भी दिया गया।

इस दौरान ग्रामीणों को बाढ़ से बचने के उपाय बताए गए। अधिकारियों ने अपील की कि बाढ़ जैसी आपदा में अफवाहों से बचें और केवल प्रशासनिक निर्देशों का पालन करें। प्रोफेशनल उपकरण न होने पर खाली बोतल और कनस्तर से अस्थायी लाइफ जैकेट बनाने की तकनीक भी दिखाई गई।

तहसीलदार सहसवान ने कहा, “ऐसे पूर्वाभ्यास से हमारी प्रशासनिक तैयारियां मजबूत होती हैं। बाढ़ के समय त्वरित प्रतिक्रिया और प्रभावी बचाव रणनीतियाँ ही लोगों की जान बचा सकती हैं।”

मॉक ड्रिल में ग्राम प्रधान खागी नगला, लेखपाल, स्वास्थ्य विभाग की टीम, पुलिस बल और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।