बदायूं। विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की प्रथम त्रैमासिक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में मिशन वात्सल्य योजना के अंतर्गत जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए सीडीओ ने बताया कि जिले में बच्चों के संरक्षण और विकास के लिए कई योजनाएं प्रभावी रूप से काम कर रही हैं। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना कोविड इसके तहत अब तक 88 अनाथ व प्रभावित बच्चों को लाभान्वित किया जा चुका है।मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के अंतर्गत जिले के 333 पात्र बच्चों को लाभ प्रदान किया गया है।
17 बाल विवाह रोके गए, होगा फॉलोअप

प्रोबेशन अधिकारी ने बताया 24 बाल विवाह होने की सूचना मिली थी। जिला प्रशासन और संबंधित टीमों की मुस्तैदी से 17 बाल विवाह पर तत्काल रोक लगाकर कार्रवाई की गई जिसमें बाल संरक्षण इकाई, बाल कल्याण समिति,एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग थाना और चाइल्ड हेल्पलाइन के संयुक्त प्रयासों से सफल हो सकी। जिसमें में पांच सूचनाएं गलत पाई गईं।

मुख्य विकास अधिकारी गामिनी सिंगला ने जिला प्रोबेशन अधिकारी और अपर मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया है कि वन स्टॉप सेंटर पर संवासित पीड़िताओं का जल्द से जल्द मेडिकल परीक्षण कराया जाए। वह विकास भवन में मिशन शक्ति, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वुमेन योजना की समीक्षा कर रही थीं।सीडीओ ने जनपद स्तर पर मिशन शक्ति व बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के तहत व्यापक जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बेटियों को जागरूक करने के लिए वॉल पेंटिंग, रैली, विभिन्न अधिनियमों की जानकारी और महिला कल्याण विभाग की योजनाओं पर कार्यशालाएं आयोजित की जाएं। समीक्षा बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण हृदेश कठेरिया, जिला बाल संरक्षण अधिकारी अभय कुमार, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ सनोज मिश्रा, सहायक श्रमायुक्त श्वेता गर्ग, जिला समाज कल्याण अधिकारी मीनाक्षी वर्मा,प्रमिला गुप्ता सदस्य किशोर न्याय बोर्ड, नंद किशोर पाठक ,सविता मालपाणी, रवि कुमार, प्रीती कौशल, छवि वैश्य, कमल शर्मा, प्रियंका जौहरी, डोली सहित जिला बाल संरक्षण इकाई और हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वुमेन का समस्त स्टाफ मौजूद रहा।