सहसवान (बदायूं)। थाना सहसवान क्षेत्र के ग्राम अलेहदादपुर धोबई निवासी ओमेन्द्र पुत्र राजवीर सिंह ने अपने भाई ज्ञानचन्द्र (23 वर्ष) की आत्महत्या के मामले में अपर पुलिस महानिदेशक (ADG) बरेली जोन को दो पृष्ठीय शिकायती प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित ने अपने बयानों के समर्थन में एक वीडियो क्लिप भी उपलब्ध कराई है, जिसमें वह अपनी आपबीती बता रहा है।
पीड़ित ओमेन्द्र ने बताया कि उसकी पत्नी श्रीमती प्रीति देवी कुछ दिन पहले नाराज होकर मायके चली गई थी। इसी बात को लेकर गांव के ही नरेश, रामबाबू, प्रमोद, रामस्वरूप उर्फ नन्हे, रुम सिंह, तालेवर पुत्रगण ओमप्रकाश व संतू पुत्रगण लालाराम ने उसकी पत्नी के गायब होने का झूठा शक उसके छोटे भाई ज्ञानचन्द्र (23) पर लगाया।
पीड़ित का आरोप है कि 20.08.2026 की रात करीब 10 बजे उक्त सभी आरोपी नाजायज असलहा लेकर उसके घर पर चढ़ आए, गाली-गलौज की और ज्ञानचन्द्र को जान से मारने की धमकी देकर चले गए। धमकी से डरा-सहमा ज्ञानचन्द्र 21.08.2026 को दोपहर करीब 12:30 बजे शौच के लिए खेत पर गया था। इसी दौरान आरोपी हाथों में हथियार लेकर उसे तलाश कर रहे थे। डर के कारण ज्ञानचन्द्र ने खेत पर बनी झोपड़ी की बुरजी में घुसकर रस्सी से फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
इस संबंध में थाना सहसवान पर मु0अ0सं0 0429/2026 दिनांक 25.08.2026 को धारा 108 BNS के तहत मुकदमा पंजीकृत हुआ था।
विवेचना पर उठाए सवाल, वीडियो में लगाए आरोप –
पीड़ित ने शिकायती पत्र व वीडियो में आरोप लगाया है कि मुकदमा दर्ज होने के 12 दिन बाद भी सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की गई। आरोपी गांव में खुलेआम घूम रहे हैं और परिवार को धमका रहे हैं।
पीड़ित ने वीडियो में कथित तौर पर कहा है कि विवेचक द्वारा चालान करने और खर्चा-होगा कहकर उससे 10,000 रुपये की मांग की गई, जिसमें से 4,000 रुपये ले लिए गए। पीड़ित का आरोप है कि दिनांक 21.09.2026 को दो आरोपियों नरेश और तालेवर को पकड़ा गया, लेकिन एक को जेल भेज दिया गया और दूसरे आरोपी तालेवर को मामूली धारा 170/126/135 BNSS में उपजिला मजिस्ट्रेट सहसवान से चालान कर छोड़ दिया गया।
पीड़ित परिवार ने ADG महोदय से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बदायूं को आदेशित कर सभी नामजद मुल्जिमानों की तत्काल गिरफ्तारी कराने और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
