सहसवान, बदायूं: फिल्मी सीन की तरह तहसील परिसर में उस वक्त हड़कंप मच गया जब जरीफनगर थाना क्षेत्र के रसूलपुर कलां गांव का जितेन्द्र उर्फ बंडा ओवरहेड टैंक की सबसे ऊंची सीढ़ी पर जा बैठा। हाथ में शिकायतों का पुलिंदा, जुबान पर एक ही जिद: “जब तक इंसाफ नहीं, तब तक नीचे नहीं!”

क्या है पूरा ड्रामा?
युवक का आरोप है कि गांव के एक ‘दबंग’ ने ग्राम समाज की जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया। युवक ने हिम्मत करके तहसील में शिकायत ठोक दी। बस फिर क्या था, ‘दबंग’ को मिर्ची लग गई।

बदले में उसने युवक के 50 साल पुराने पुश्तैनी मकान को ही ‘ग्राम सभा की जमीन’ बताकर कागजी घेराबंदी शुरू कर दी। उसका का दावा है कि कुछ दिन पहले उस पर जानलेवा हमला भी हुआ, लेकिन पुलिस ने ‘दबंग’ का कुछ नहीं बिगाड़ा।

4 घंटे से टंकी बना अखाड़ा
गुस्से में भरा युवक सीधा तहसील की पानी की टंकी पर चढ़ गया। नीचे पुलिस, SDM के बाबू, और एम्बुलेंस वाली स्वास्थ्य टीम- सब मिन्नतें कर रहे हैं। कोई कह रहा “भाई नीचे आ जा”, कोई कह रहा “पहले पानी पी ले”। लेकिन युवक टस से मस नहीं हो रहा।

मौके पर जुटी भीड़ में कोई वीडियो बना रहा है, तो कोई कह रहा “अरे ये तो गब्बर से भी खतरनाक निकला, सीधा टंकी पर कब्जा कर लिया”।

प्रशासन की साख दांव पर
अब सवाल ये कि ग्राम समाज की जमीन पर कब्जा किसका है- दबंग का या 50 साल से रह रहे युवक का? और अगर युवक की शिकायत पर हमला हुआ तो कार्रवाई क्यों नहीं?

फिलहाल तहसील परिसर ‘वाटर टैंक सत्याग्रह’ का अखाड़ा बना हुआ है। पुलिस अधिकारी माइक पर समझा रहे हैं, लेकिन उसका एक ही नारा है: “कागज दिखाओ, इंसाफ दिलाओ, तभी उतरूंगा!”