सहसवान नगर पालिका में मचा हड़कंप। 4 साल से कुर्सी पर जमे बैठे अधिशासी अधिकारी डॉ. राजेश कुमार को आखिरकार सभासदों ने दिखा ही दिया बाहर का रास्ता।

क्यों भड़के सभासद?
जनाब, मामला गरम है। सभासदों का आरोप है कि E.O. साहब की कुर्सी को दीमक लग गई थी। 4 साल से एक ही जगह जमे रहने से फाइलें धूल फांक रही थीं, विकास कार्य कछुए की चाल चल रहे थे, और जनता परेशान होकर सभासदों के दरवाजे खटखटा रही थी।

सभासदों ने सीधे लखनऊ में मंत्री जी और प्रमुख सचिव के कान में फूंक मारी। शिकायती चिट्ठी में लिखा: “साहब, अब बहुत हुआ। E.O. जी न काम कर रहे हैं, न करने दे रहे हैं। हर योजना में ब्रेक, हर फाइल में लेट-लतीफी। जनता त्राहि-त्राहि कर रही है।”

एकजुट हुए सभासद, किया खेला
बंटी प्रजापति से लेकर तहसीन बेगम तक, कुल 17 सभासदों ने मिलकर वो लठ गाड़ा कि शासन को भी झुकना पड़ा। मांग एक ही थी: “E.O. हटाओ, विकास बचाओ”।

शासन का एक्शन, E.O. का ट्रांसफर
और फिर हुआ वो जो होना था। शासन ने शिकायत पर संज्ञान लिया और E.O. राजेश कुमार की कुर्सी हिला दी। अब साहब को नया ठिकाना मिलेगा।

जनता बोली: देर आए, दुरुस्त आए
सहसवान की गलियों में अब चर्चा तेज है। लोग कह रहे हैं कि सभासदों ने सही समय पर सही वार किया। अब उम्मीद है कि रुके हुए कामों की गाड़ी पटरी पर आएगी।

नोट: कुर्सी पर ज्यादा दिन जमे रहना सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है, E.O. साहब अब समझ गए होंगे!