बरेली।

ऐसे ही नहीं बरेली नंबर वन बनता – जिलाधिकारी की ताबड़तोड़ बैठकों से दिखा विकास का रोडमैप..

बरेली।
सुबह से लेकर शाम तक एक के बाद एक बैठकें और कार्यक्रम—जिलाधिकारी की सक्रियता ने यह साबित कर दिया कि बरेली के नंबर वन बनने के पीछे प्रशासनिक टीम की निरंतर मेहनत और योजनाओं की धरातल पर मॉनिटरिंग है।

दिन की शुरुआत जिलाधिकारी ने जनप्रतिनिधियों के साथ की। इस अवसर पर नव-चयनित मुख्य सेविकाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। महिलाओं के हाथों में रोजगार और सेवा का अवसर सौंपते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि “मुख्य सेविकाएं गांव की विकास योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभाएंगी।”

इसके बाद जिलाधिकारी ने बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की समीक्षा बैठक की। बैठक में विद्यालयों की गुणवत्ता सुधार, नामांकन वृद्धि तथा परिषदीय विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता पर विस्तार से चर्चा की गई।

दोपहर बाद जिलाधिकारी ने डिजिटल क्रॉप सर्वे से संबंधित महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने किसानों के हित में सर्वे कार्य को समयबद्ध और सटीक ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इसके बाद जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री मत्स्य योजना से जुड़ी जिला स्तरीय समिति की लंबी बैठक की। बैठक में मछलीपालन को बढ़ावा देने हेतु मॉपेड, आइस बॉक्स वितरण की प्रक्रिया पर मंथन हुआ। साथ ही जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि तहसील क्षेत्र के अन्य तालाबों पर भी मत्स्य पट्टे का आवंटन पारदर्शिता के साथ सुनिश्चित किया जाए।

शाम को जिलाधिकारी ने पशुपालन विभाग की जिला स्तरीय बैठक बुलाई। इस बैठक में गौवंश संरक्षण पर विशेष बल दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि गौशालाओं में चारे की कोई कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को स्वयं भी आगे बढ़कर दान देने की अपील की, ताकि गोवंश संरक्षण कार्य समाजिक दायित्व के रूप में और अधिक मजबूत हो।

जिलाधिकारी की इन लगातार बैठकों और ठोस निर्देशों ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि योजनाओं की सफलता केवल कागजों पर नहीं बल्कि धरातल पर उतरने से ही संभव है। दिनभर की यह ताबड़तोड़ सक्रियता बरेली को प्रदेश में नंबर वन बनाने की दिशा में एक और कदम है।