126.30 हेक्टेयर भूमि पर विकसित होगी आधुनिक औद्योगिक टाउनशिप, करीब 41 करोड़ रुपये खर्च कर 21 हेक्टेयर भूमि खरीदी; आज 4 हेक्टेयर भूमि के लिए 8 करोड़ रुपये का मुआवजा वितरित

बरेली। बरेली में औद्योगिक विकास को नई गति देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। दिल्ली रोड क्षेत्र में आधुनिक सुविधाओं से लैस औद्योगिक टाउनशिप विकसित करने की तैयारी तेज हो गई है। बरेली विकास प्राधिकरण द्वारा प्रस्तावित इस औद्योगिक टाउनशिप के विकसित होने के बाद बरेली में निवेश के नए अवसर पैदा होने के साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के रास्ते खुलने की उम्मीद है।

यह परियोजना मुख्यमंत्री द्वारा प्रत्येक जनपद में न्यूनतम 50 एकड़ भूमि पर सरदार वल्लभ भाई पटेल इम्पलाईमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन विकसित किए जाने के निर्देशों के क्रम में आगे बढ़ाई जा रही है। बरेली विकास प्राधिकरण ने इसके लिए कुल 126.3043 हेक्टेयर भूमि चिन्हित की है।

चार गांवों में चिन्हित की गई भूमि

औद्योगिक टाउनशिप के विकास के लिए तहसील बरेली के ग्राम रसूला चौधरी तथा तहसील मीरगंज के ग्राम भिटौरा नौंगवा उर्फ फतेहगंज पश्चिमी, चिटौली और रहपुरा जागीर में भूमि चिन्हित की गई है।

परियोजना के लिए चिन्हित कुल भूमि में से लगभग 28 हेक्टेयर ग्राम समाज एवं शासकीय भूमि है, जिसे पुनर्ग्रहण के माध्यम से प्राप्त किए जाने की प्रक्रिया चल रही है। वहीं करीब 98 हेक्टेयर भूमि भू-स्वामियों से आपसी सहमति के आधार पर क्रय की जानी है। प्राधिकरण ने इसके लिए भूमि खरीद की कार्रवाई शुरू कर दी है।

21 हेक्टेयर भूमि खरीदी, 41 करोड़ रुपये खर्च

बरेली विकास प्राधिकरण की ओर से भूमि अधिग्रहण/क्रय की प्रक्रिया में तेजी लाई गई है। अब तक लगभग 41 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च कर 21 हेक्टेयर भूमि का क्रय किया जा चुका है।

इसी क्रम में 3 अक्टूबर 2026 को 4 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि का क्रय किया गया। इसके लिए संबंधित भू-स्वामियों को करीब 8 करोड़ रुपये का मुआवजा प्रदान किया गया। प्राधिकरण का प्रयास है कि शेष भूमि की खरीद की प्रक्रिया भी आपसी सहमति और निर्धारित प्रक्रिया के तहत तेजी से पूरी की जाए।

आधुनिक सुविधाओं से लैस होगी टाउनशिप

प्रस्तावित औद्योगिक टाउनशिप को केवल उद्योगों के लिए भूमि उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित करने की योजना है। यहां उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप बेहतर आधारभूत सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

टाउनशिप में चौड़ी और सुव्यवस्थित सड़कें, भूमिगत विद्युत नेटवर्क, जलापूर्ति, सीवरेज एवं ड्रेनेज व्यवस्था, हरित क्षेत्र, ई-चार्जिंग स्टेशन, गैस लाइन, नेटवर्क एवं कॉमन पार्किंग एरिया जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।

इसके साथ ही सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम और फायर स्टेशन जैसी आवश्यक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के चलते उद्योगों को एक व्यवस्थित और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

निवेश बढ़ने से रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे

औद्योगिक टाउनशिप के विकसित होने से बरेली में नए उद्योगों की स्थापना और मौजूदा औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार को बढ़ावा मिलने की संभावना है। इससे स्थानीय स्तर पर निवेश आने के साथ ही प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।

उद्योगों के लिए बेहतर सड़क, बिजली, पानी, ड्रेनेज, पार्किंग, कचरा प्रबंधन और अन्य जरूरी सुविधाएं एक ही क्षेत्र में उपलब्ध होने से उद्यमियों को अपना कारोबार स्थापित करने में सुविधा मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही स्थानीय युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर मिल सकते हैं।

बरेली को औद्योगिक एवं निवेश केंद्र बनाने की दिशा में कदम

बरेली विकास प्राधिकरण की यह परियोजना जिले में औद्योगिक आधार को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखी जा रही है। आधुनिक औद्योगिक टाउनशिप विकसित होने से बरेली और आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ ही स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलने की उम्मीद है।

परियोजना के माध्यम से स्थानीय और बाहरी निवेशकों को आकर्षित करने का प्रयास किया जाएगा। इससे बरेली को भविष्य में एक प्रमुख औद्योगिक एवं निवेश गंतव्य के रूप में विकसित करने की दिशा में आधार तैयार होगा।

Ease of Doing Business पर जोर

बरेली विकास प्राधिकरण द्वारा परियोजना को सुशासन, पारदर्शिता, सुनियोजित विकास और Ease of Doing Business की भावना के अनुरूप आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। उद्देश्य यह है कि औद्योगिक इकाइयों को बेहतर आधारभूत सुविधाओं के साथ ऐसा वातावरण मिले, जहां उद्योगों की स्थापना और संचालन में अनावश्यक कठिनाइयां कम हों।

126.30 हेक्टेयर में प्रस्तावित यह आधुनिक औद्योगिक टाउनशिप आने वाले समय में बरेली के औद्योगिक नक्शे को नया विस्तार दे सकती है। भूमि खरीद की प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ अब परियोजना के धरातल पर उतरने की दिशा में भी कदम तेज होते दिखाई दे रहे हैं। आने वाले समय में यहां औद्योगिक इकाइयों की स्थापना होने पर निवेश, कारोबार और रोजगार—तीनों क्षेत्रों में नई संभावनाएं पैदा होने की उम्मीद है।

रिपोर्ट/आलोक गुप्ता