रिपोर्ट: आलोक गुप्ता
बरेली। कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं और आमजन को मिलावट रहित एवं सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने विशेष अभियान शुरू कर दिया है। आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तर प्रदेश तथा जिलाधिकारी बरेली के निर्देशों के अनुपालन में, सहायक आयुक्त (खाद्य) राहुल सिंह के निर्देशन में शुक्रवार 24 जुलाई 2026 से जिले के सभी प्रमुख कांवड़ मार्गों पर विशेष निगरानी व्यवस्था लागू कर दी गई है।


विभाग द्वारा गठित पांच विशेष टीमों को कांवड़ मार्गों पर तैनात किया गया है। ये टीमें ढाबों, होटलों, रेस्टोरेंटों, ठेलों, रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं तथा फल विक्रेताओं का लगातार निरीक्षण कर रही हैं। निरीक्षण के दौरान सभी खाद्य प्रतिष्ठानों पर खाद्य लाइसेंस एवं पंजीकरण प्रमाणपत्र को प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित कराया जा रहा है, ताकि उपभोक्ताओं को संबंधित प्रतिष्ठान की वैधता की जानकारी मिल सके।


QR कोड से दर्ज होगी शिकायत


खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा प्रत्येक प्रतिष्ठान पर फूड सेफ्टी कनेक्ट (Food Safety Connect App) का क्यूआर कोड और ग्राहक संतुष्टि फीडबैक स्टिकर भी चस्पा कराया जा रहा है। इस स्टिकर पर विभाग का टोल-फ्री नंबर, खाद्य कारोबारकर्ता का नाम, लाइसेंस नंबर और मोबाइल नंबर अंकित रहेगा। श्रद्धालु या उपभोक्ता क्यूआर कोड स्कैन कर प्रतिष्ठान की पूरी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे और किसी भी प्रकार की शिकायत सीधे विभाग तक भेज सकेंगे।
विभाग के अनुसार शिकायत प्राप्त होते ही सबसे निकट मौजूद खाद्य सुरक्षा अधिकारी की टीम तत्काल मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करेगी और समस्या का समाधान सुनिश्चित करेगी।


स्वच्छता और गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश


निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने होटल, ढाबा और अन्य खाद्य कारोबारकर्ताओं को स्वच्छता, सैनिटेशन और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कारोबारियों को स्पष्ट रूप से चेतावनी दी गई कि खाद्य पदार्थों में कृत्रिम रंगों का प्रयोग न करें तथा खुले मसालों के स्थान पर केवल पैक्ड मसालों का ही उपयोग करें।
अधिकारियों ने निर्देश दिए कि भोजन केवल उसी समय तैयार किया जाए, जिस समय उसे परोसा जाना है। बचा हुआ भोजन अगले समय के लिए न रखा जाए और न ही ग्राहकों को परोसा जाए। प्रत्येक समय के लिए ताजा भोजन तैयार करने, ताजी सब्जियों एवं ताजे फलों के उपयोग पर विशेष जोर दिया गया।


कटे और सड़े फलों की बिक्री पर रोक


विभाग ने कटे हुए तथा सड़े-गले फलों की बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आम नागरिकों और शिवभक्तों को भी जागरूक किया गया कि वे खुले में रखे खाद्य पदार्थों, कृत्रिम रंग मिले खाद्य उत्पादों तथा कटे हुए फलों के सेवन से बचें और केवल स्वच्छ एवं प्रमाणित प्रतिष्ठानों से ही खाद्य सामग्री खरीदें।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन का कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान यह विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा। यदि कहीं भी मिलावट, गंदगी या खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित खाद्य कारोबारियों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।