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बदायूँ: 23 जून। ज्येष्ठ दशहरा (द्वितीया) पर्व के अवसर पर 24 जून 2026 को जनपद के विभिन्न गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने व्यापक प्रबंध सुनिश्चित किए हैं। जिलाधिकारी अवनीश राय द्वारा जारी आदेश के अनुसार कछला गंगा घाट सहित जनपद के सभी प्रमुख स्नान स्थलों पर कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सेक्टर एवं जोनल स्तर पर मजिस्ट्रेटों तथा पुलिस अधिकारियों की तैनाती की गई है।
कछला गंगा घाट, कछला पुल, अटेना घाट, सुकरी घाट, मलपुरा तेतेरा घाट, कुंवरपुर चौंदपुर घाट, भुंडी घाट, बेलाडांडी घाट, नगरिया खनू रामगंगा घाट, नौनी टिकन्ना रामगंगा घाट, हजरतपुर घाट, मुड़ा पुख्ता घाट तथा चिड़िया घाट समेत जनपद के विभिन्न स्नान स्थलों पर अलग-अलग पालियों में अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। संबंधित उप जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सतत भ्रमणशील रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया है कि सभी नामित मजिस्ट्रेट गंगा स्नान के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करें तथा किसी भी व्यक्ति को गहरे पानी में जाने से रोकें। इसके लिए लगातार पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से जागरूकता संदेश प्रसारित किए जाएंगे। घाटों पर तैनात गोताखोर, नाविक एवं पीएसी कर्मी भी सतर्क रहेंगे तथा श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्नान के लिए प्रेरित करेंगे।
नगर मजिस्ट्रेट एवं उप नियंत्रक नागरिक सुरक्षा को निर्देश दिए गए हैं कि स्नान स्थलों पर नागरिक सुरक्षा कोर के स्वयंसेवकों की तैनाती सुनिश्चित करें। वहीं, अपर जिलाधिकारी एवं प्रभारी अधिकारी स्थानीय निकाय को घाटों पर साफ-सफाई, पेयजल, मोबाइल शौचालय, वाटर टैंकर तथा कैटल कैचर की समुचित व्यवस्था कराने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को निराश्रित गोवंशों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने तथा उनके लिए अस्थायी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसके अतिरिक्त परिवहन विभाग को अवैध वाहनों पर कार्रवाई करते हुए श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं अधिकृत वाहनों से यात्रा करने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन द्वारा घाटों पर बैरिकेडिंग, खतरनाक एवं गहरे पानी वाले क्षेत्रों का चिन्हांकन, चेतावनी बोर्ड, बैनर-पोस्टर, प्रकाश व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरे, सोलर लाइट, कंट्रोल रूम, पार्किंग स्थलों का निर्धारण तथा पर्याप्त संख्या में नावों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। घाटों पर तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए छायादार टेंट, बैठने की व्यवस्था तथा आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित स्नान सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी उत्तरदायी होंगे।