बदायूं। भारतीय किसान यूनियन पीडीए शक्ति ने सोमवार को किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री/महामहिम राज्यपाल के नाम संबोधित एक ज्ञापन डीएम के माध्यम से सौंपा। डीएम कार्यालय पर संगठन ने कहा कि यदि किसानों की मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी सर्वेश सिंह और जिला अध्यक्ष डॉ संजीव कुमार के नेतृत्व में सौंपे ज्ञापन में सात मुख्य मांगों को ज्ञापन को रखा गया है जिसमें कहा गया किसानों को पहले की तरह पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जाए। साथ ही प्रदेश में लागू की जा रही स्मार्ट मीटर योजना को स्थायी रूप से समाप्त किया जाए और सभी फसलों की खरीद पर न्यूनतम समर्थन मूल्य का कानूनी अधिकार दिया जाए।
आवारा पशुओं से मुआवजे की मांग आवारा पशुओं द्वारा फसलों को पहुंचाए जा रहे नुकसान का किसानों को उचित मुआवजा मिले और गन्ना किसानों के पिछले बकाये का भुगतान तुरंत सुनिश्चित किया जाए।
मुफ्त बिजली की घोषणा
किसानों को बिना किसी शर्त के निशुल्क बिजली दी जाए और हर गरीब परिवार को 300 यूनिट फ्री बिजली देने की घोषणा हो।ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण और पशु-पक्षियों के पीने के पानी के लिए तालाबों की खुदाई कराई जाए।
इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि आज देश और प्रदेश का किसान आर्थिक तंगी और प्रशासनिक उपेक्षा से जूझ रहा है। बिजली की बढ़ती दरों और आवारा पशुओं ने खेती को घाटे का सौदा बना दिया है। इस मौके पर यूनियन के कई प्रमुख कार्यकर्ता और स्थानीय किसान उपस्थित रहे।