
गुणवत्ता से समझौता न करने के निर्देश, नवंबर तक यात्री विश्रामगृह का कार्य पूरा करने को कहा
त्रिवटीनाथ मंदिर में जलाभिषेक कर मंडलायुक्त ने की पूजा-अर्चना
बरेली, 7 अगस्त। नाथ कॉरिडोर के अंतर्गत बरेली के प्रमुख नाथ मंदिरों में चल रहे विकास एवं निर्माण कार्यों को गति देने के लिए मंडलायुक्त शम्भू कुमार ने शुक्रवार को विभिन्न निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माणाधीन कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

मंडलायुक्त सबसे पहले अलखनाथ मंदिर पहुंचे, जहां नाथ कॉरिडोर के अंतर्गत निर्माणाधीन यात्री विश्रामगृह का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि विश्रामगृह का निर्माण कार्य अभी प्रगति पर है। इस पर उन्होंने कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) के प्रोजेक्ट मैनेजर को निर्देशित किया कि निर्माणाधीन कार्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा कराया जाए और नवंबर तक यात्री विश्रामगृह का निर्माण हर हाल में पूर्ण कर लिया जाए।

मंडलायुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में किसी भी स्तर पर गुणवत्ता से समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि नाथ कॉरिडोर के अंतर्गत होने वाले कार्य केवल औपचारिकता पूरी करने के लिए नहीं, बल्कि लंबे समय तक उपयोगी और मजबूत रहने वाले होने चाहिए। निर्माण में प्रयुक्त सामग्री की गुणवत्ता और कार्य की तकनीकी मानकों के अनुरूप जांच सुनिश्चित की जाए।

निर्माण कार्यों की लगातार निगरानी के निर्देश
मंडलायुक्त ने पर्यटन अधिकारी को निर्देश दिए कि नाथ कॉरिडोर के अंतर्गत जहां-जहां निर्माण कार्य चल रहे हैं, वहां नियमित रूप से स्थलीय निरीक्षण किया जाए। प्रत्येक कार्य की प्रगति की लगातार समीक्षा करने के साथ-साथ कार्यों की विस्तृत कार्ययोजना भी प्रस्तुत की जाए, ताकि निर्धारित समयसीमा में सभी परियोजनाओं को पूरा कराया जा सके।
उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य के दौरान श्रद्धालुओं और मंदिर परिसर में आने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका भी विशेष ध्यान रखा जाए। जहां कार्य पूर्ण होते जा रहे हैं, वहां निर्माण सामग्री और मलबे को तत्काल हटाकर परिसर की साफ-सफाई सुनिश्चित कराई जाए।

मंदिरों के द्वार आकर्षक बनाने और धर्मशाला कार्य में तेजी के निर्देश
मंडलायुक्त शम्भू कुमार ने मंदिर परिसरों की सुंदरता और श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि मंदिरों के प्रवेश द्वारों को इस प्रकार सजाया जाए कि वे आकर्षक दिखाई दें और नाथ कॉरिडोर की भव्यता के अनुरूप विकसित हों।
उन्होंने मंदिरों में आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने की सुविधा को भी महत्वपूर्ण बताते हुए धर्मशाला के निर्माण कार्य को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नाथ कॉरिडोर का उद्देश्य केवल मंदिरों का सौंदर्यीकरण करना नहीं है, बल्कि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना भी है।

मंडलायुक्त ने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक निर्माण कार्य की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसा निर्माण कराया जाए जो मजबूत, टिकाऊ और लंबे समय तक उपयोगी रहे।
फोकस वॉल का भी किया निरीक्षण
इसके बाद मंडलायुक्त ने मंदिर परिसर में निर्मित की जा रही फोकस वॉल का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर कार्य की प्रगति देखी और संबंधित कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को निर्देशित किया कि फोकस वॉल का निर्माण कार्य भी निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा कराया जाए।
उन्होंने निर्माण कार्यों की गति बढ़ाने के साथ-साथ यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि जल्दबाजी में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न हो। उन्होंने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और निर्माण कार्यों में आने वाली किसी भी समस्या का तत्काल समाधान कराने के निर्देश दिए।

त्रिवटीनाथ मंदिर में किया जलाभिषेक
निरीक्षण के बाद मंडलायुक्त शम्भू कुमार त्रिवटीनाथ मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने भगवान शिव का जलाभिषेक कर विधिवत पूजा-अर्चना की और प्रदेश एवं जनपद की सुख-समृद्धि की कामना की।
नाथ कॉरिडोर के अंतर्गत बरेली के प्रमुख नाथ मंदिरों को श्रद्धालुओं की सुविधाओं, धार्मिक पर्यटन और क्षेत्र के समग्र विकास की दृष्टि से विकसित किया जा रहा है। मंडलायुक्त के निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया गया कि परियोजना के सभी कार्य समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और बेहतर नियोजन के साथ पूरे किए जाएं, ताकि बरेली आने वाले श्रद्धालुओं को आधुनिक सुविधाओं के साथ बेहतर धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण उपलब्ध हो सके।