
बरेली। परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश के निर्देश पर बरेली मंडल में 22 से 24 जुलाई 2026 तक अवैध एवं अनधिकृत बस संचालन के खिलाफ तीन दिवसीय विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया गया। संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) प्रणव झा के निर्देशन में बरेली, बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर में कार्रवाई करते हुए 51 बसों के चालान किए गए तथा 42 बसों को निरुद्ध (सीज) किया गया। इन वाहनों पर करीब 10.50 लाख रुपये का जुर्माना अधिरोपित किया गया है।

अभियान के दौरान बरेली में 15 चालान और 15 बसें सीज, बदायूं में 6 चालान और 3 बसें सीज, पीलीभीत में 9 चालान और 9 बसें सीज, जबकि शाहजहांपुर में 21 चालान और 15 बसें सीज की गईं।
जांच में सामने आया कि निरुद्ध की गई किसी भी बस के पास संबंधित मार्ग का स्थायी स्टेज कैरिज परमिट नहीं था। अधिकांश बसें ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट या ऑल यूपी कॉन्ट्रैक्ट कैरिज परमिट पर संचालित हो रही थीं और दिल्ली, पंजाब, हरियाणा व राजस्थान जैसे राज्यों के लिए यात्रियों का परिवहन कर रही थीं। जहां भी परमिट की शर्तों का उल्लंघन, वैध दस्तावेजों की कमी या मोटरयान अधिनियम के नियमों का उल्लंघन मिला, वहां नियमानुसार कार्रवाई की गई।

परिवहन विभाग अब निरुद्ध बसों का विस्तृत तकनीकी परीक्षण भी कराएगा। इसमें स्लीपर, डबल डेकर या अन्य अनधिकृत बॉडी मॉडिफिकेशन, बैठने की क्षमता, फिटनेस, टैक्स, बीमा, पंजीकरण और परमिट की शर्तों की जांच की जाएगी। यदि किसी वाहन में गंभीर अनियमितता पाई गई तो उसके फिटनेस प्रमाणपत्र के निलंबन, परमिट और पंजीकरण पर भी कार्रवाई की जाएगी।

संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) प्रणव झा ने बताया कि अधिकांश बसें सड़क सुरक्षा मानकों के अनुरूप संचालित हो रही थीं और उनमें यात्रियों की संख्या स्वीकृत क्षमता के भीतर थी। केवल एक-दो वाहनों में ओवरलोडिंग या दस्तावेजों की कमी मिली, जिनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की गई। उन्होंने यह भी बताया कि जिन बसों को निरुद्ध किया गया, उनमें यात्रा कर रहे यात्रियों को पहले सुरक्षित रूप से नजदीकी रोडवेज बस अड्डे या डिपो तक पहुंचाया गया, उसके बाद ही बसों को सीज किया गया।
उन्होंने कहा कि विभाग का उद्देश्य वैध रूप से संचालित वाहनों को परेशान करना नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा, यात्री सुरक्षा और मोटरयान अधिनियम के प्रभावी अनुपालन को सुनिश्चित करना है। ऐसे विशेष प्रवर्तन अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे।