सुरक्षा में चूक पर सात कर्मचारियों पर कार्रवाई, आंतरिक जांच जारी
सिटी मॉल स्थित सैफायर क्लब एंड लाउंज ने 05 जुलाई को आयोजित विशेष आमंत्रण-आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम से जुड़े सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के संबंध में अपना आधिकारिक पक्ष जारी किया है। संस्थान के निदेशक दीपक नारंग ने बताया कि घटना को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही पाए जाने पर तत्काल सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की गई है।
दीपक नारंग के अनुसार, 04 एवं 05 जुलाई को उद्घाटन-पूर्व विशेष आमंत्रण-आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। यह कार्यक्रम संबंधित विभागों से प्राप्त आवश्यक अनुमतियों एवं लागू नियमों के अनुरूप आयोजित किया गया, जिसमें शहर के आमंत्रित अतिथि एवं परिवारजन उपस्थित थे। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, संगीत एवं आतिथ्य व्यवस्था शामिल थी।
उन्होंने बताया कि 05 जुलाई को कार्यक्रम के दौरान मंच पर एक पेशेवर कलाकार प्रस्तुति दे रही थीं। इसी दौरान कुछ अनाधिकृत व्यक्ति किसी प्रकार परिसर में प्रवेश कर गए और कलाकार के साथ अनुचित व्यवहार करने का प्रयास किया। सुरक्षा टीम ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए संबंधित व्यक्तियों को परिसर से बाहर कर दिया। हालांकि, इसी दौरान कुछ सेकंड का वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दिया गया, जिसके आधार पर पूरे आयोजन को लेकर विभिन्न प्रकार की चर्चाएं शुरू हो गईं।
प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि वायरल वीडियो में दिखाई देने वाले व्यक्ति कार्यक्रम के अधिकृत अथवा आमंत्रित अतिथि नहीं थे। सैफायर प्रबंधन किसी भी कलाकार या अतिथि के साथ अभद्र व्यवहार का न तो समर्थन करता है और न ही उसे किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य मानता है।
घटना की प्रारंभिक समीक्षा के बाद सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर लापरवाही पाए जाने पर चार सुरक्षा कर्मियों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं। इसके अतिरिक्त तीन अन्य कर्मचारियों के विरुद्ध भी अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। प्रबंधन का कहना है कि यह निर्णय स्पष्ट संदेश देने के उद्देश्य से लिया गया है कि अतिथियों की सुरक्षा, अनुशासन एवं संस्थान की गरिमा के मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
दीपक नारंग ने बताया कि पूरे घटनाक्रम की आंतरिक जांच जारी है। उपलब्ध वीडियो, प्रवेश व्यवस्था तथा अन्य संबंधित रिकॉर्ड की विस्तृत समीक्षा की जा रही है। साथ ही, घटना में शामिल अनाधिकृत व्यक्तियों की पहचान करने के प्रयास भी जारी हैं तथा उपलब्ध तथ्यों एवं विधिक परामर्श के आधार पर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पर भी विचार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित कुछ सामग्री के कारण संस्थान की छवि प्रभावित हुई है। उन्होंने आमजन से अपील की कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पूर्व संस्थान का आधिकारिक पक्ष भी अवश्य देखें। किसी भी संस्था का मूल्यांकन कुछ सेकंड के वीडियो के बजाय उसके समग्र संचालन, सुरक्षा व्यवस्था एवं कार्यप्रणाली के आधार पर किया जाना चाहिए।
सैफायर क्लब एंड लाउंज का उद्देश्य एक सुरक्षित, व्यवस्थित एवं उच्च-स्तरीय आतिथ्य स्थल के रूप में अपनी पहचान स्थापित करना है, जहां परिवार, दंपती, पेशेवर एवं आमंत्रित अतिथि सुरक्षित वातावरण में गुणवत्तापूर्ण भोजन, संगीत एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद ले सकें।
प्रबंधन ने बताया कि भविष्य में प्रवेश नियंत्रण प्रणाली, आमंत्रण सत्यापन प्रक्रिया, सुरक्षा जांच तथा निगरानी व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा, ताकि ऐसी स्थिति की पुनरावृत्ति न हो।
दीपक नारंग ने कहा कि संस्था अपनी कमियों की समीक्षा करने से पीछे नहीं हटेगी तथा जहां भी सुधार की आवश्यकता होगी, वहां तत्काल और प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सैफायर क्लब एंड लाउंज भविष्य में एक जिम्मेदार, सुरक्षित और उच्च मानकों वाले आतिथ्य संस्थान के रूप में अपनी पहचान को और मजबूत करेगा।
अंत में प्रबंधन ने कहा कि वह प्रशासन, संबंधित विभागों एवं समाज के सभी वर्गों के साथ सकारात्मक सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है तथा भविष्य में भी सभी लागू नियमों एवं मानकों का पूर्ण पालन करते हुए बेहतर सेवाएं प्रदान करने का निरंतर प्रयास करता रहेगा