
रिपोर्ट: आलोक गुप्ता
बरेली। गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे बरेली जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में उस समय हड़कंप मच गया, जब मीरगंज थाना क्षेत्र के खमरिया सनी गांव निवासी लाल सिंह गंगवार अपनी पत्नी और सात वर्षीय बेटी के साथ वहां पहुंचे और कथित रूप से अपने ऊपर पेट्रोल डालकर आत्मदाह का प्रयास किया। मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए परिवार को तुरंत काबू में लिया और बड़ी अनहोनी होने से बचा लिया।

सरकारी रास्ते पर अवैध कब्जे का आरोप..
लाल सिंह गंगवार का आरोप है कि उनके गांव के कुछ दबंगों ने सरकारी रास्ते पर अवैध कब्जा कर रखा है, जिससे उनके परिवार का घर से निकलना और आवागमन करना मुश्किल हो गया है। उनका कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ, जिसके चलते उन्हें यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा।

वर्षों पुराना है रास्ते का विवाद..
बताया जा रहा है कि पूरे विवाद की जड़ खमरिया सनी गांव का वह सरकारी रास्ता है, जो मंडनपुर रोड से जुड़ता है। एक जांच रिपोर्ट के अनुसार गांव के कुछ लोगों द्वारा सरकारी रास्ते पर वाहन खड़े किए जाते हैं, जानवर बांधे जाते हैं तथा लकड़ियां रखकर मार्ग अवरुद्ध कर दिया जाता है।
रिपोर्ट में यह भी स्वीकार किया गया है कि इस रास्ते को लेकर पहले भी विवाद हुआ था, जिस पर दोनों पक्षों के बीच समझौता कराया गया था। हालांकि आरोप है कि समझौते के बाद भी रास्ता दोबारा बंद कर दिया गया। रिपोर्ट में स्थिति को देखते हुए पुलिस बल की मौजूदगी में समाधान कराए जाने की आवश्यकता भी बताई गई थी।

प्रशासनिक दफ्तरों के काटते रहे चक्कर..
पीड़ित परिवार का कहना है कि वे वर्षों से इस समस्या के समाधान के लिए प्रशासनिक कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। दूसरी ओर अधिकारियों का कहना है कि मामला आपसी रंजिश से जुड़ा है और सिविल कोर्ट में भी विचाराधीन है।
हालांकि लाल सिंह का कहना है कि यदि रास्ता सरकारी खड़ंजे का है, तो उस पर से अवैध कब्जा हटाना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उनका आरोप है कि बार-बार समझौते टूटने और लगातार परेशान किए जाने से तंग आकर उन्हें परिवार सहित आत्मघाती कदम उठाने जैसा निर्णय लेना पड़ा।

लगातार सामने आ रहे आत्मदाह के प्रयास..
गौरतलब है कि दो दिन पहले भी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय में एक महिला द्वारा आत्मदाह का प्रयास किए जाने की घटना सामने आई थी। अब जिलाधिकारी कार्यालय में परिवार सहित आत्मदाह के प्रयास की घटना ने प्रशासनिक व्यवस्था और शिकायतों के निस्तारण पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती..
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इस घटना के बाद प्रशासन पीड़ित की शिकायत का स्थायी समाधान करेगा या फिर यह मामला भी फाइलों तक ही सीमित रह जाएगा। लगातार सामने आ रहे ऐसे घटनाक्रम इस बात का संकेत हैं कि शिकायतों के समयबद्ध और प्रभावी निस्तारण की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक है।
फिलहाल पुलिस ने परिवार को सुरक्षित अपने संरक्षण में ले लिया है और मामले की जांच की जा रही है। वहीं प्रशासन का कहना है कि पूरे प्रकरण की वस्तुस्थिति की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।