बदायूं। सीएमओ कार्यालय परिसर के आस पास काम करने वाले कर्मचारियों ने बताया कि अगर कोई झोलाछाप डॉक्टरों की मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत होती है तो टीम मौके पर छापेमारी करती है। उसके बाद सीएमओ कार्यालय से नोटिस जारी कर झोलाछाप,अवैध नर्सिंग होम संचालकों को बुलाया जाता है। कार्यालय के संपर्क में आते ही झोलाछाप को कार्रवाई की धमकी देकर बचाव के रास्ते बताए जाते हैं। इसके लिए उनसे रकम वसूली कर मामला रफादफा कर दिया जाता है झोलाछाप,अवैध नर्सिंग होम कार्रवाई कम स्वास्थ्य विभाग की फजीहत ज्यादा हो रही है।
शिकायत पर सीएमओ की टीम के नोडल डॉ पवन जायसी, बाबू जाकर नर्सिंग होम को सील कर देते है तो फिर वहीं मोहन झा, बाबू नितिन यादव झोलाछाप के क्लीनिकों, और अवैध अस्पतालों पर छापेमारी के लिए खुद जाकर सील खोलकर मोटी रकम वसूल लेते है, इस दौरान कार्रवाई कम झोलाछाप नोडल , बाबू की फजीहत ज्यादा हो रही है। शिकायत पर कुछ समय पूर्व पहले झोलाछाप टीम ने कुंवरगांव स्थित एक अवैध हॉस्पिटल को नोटिस जारी कर गुरु नानक हॉस्पिटल पर पहुंची जहां बिना कार्रवाई करके बैरंग लौट आई लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं की।इस मामले में अपर निदेशक स्वास्थ्य बरेली मंडल बरेली ने संज्ञान लिया है ।

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