भीषण गर्मी में पशु-पक्षियों के लिए राहत: जिला कलेक्टर का सराहनीय कदम

जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय पर भी पक्षियों के लिए लगाए 40 परिंडे

खैरथल-तिजारा, 27 मई। भीषण गर्मी के मद्देनजर, जिला कलक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला ने जिलेभर में सभी जीव मात्र के हितार्थ महत्वपूर्ण कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। उनके निर्देशानुसार, विभिन्न सरकारी विभागों,

जिला परिषद, और नगर निकायों द्वारा चिन्हित स्थलों पर पक्षियों के लिए पेड़ों पर परिंडे लगाए गए हैं, ताकि उन्हें दाना और पानी मिल सके। जिला कलक्टर ने जिला सचिवालय भवन की दीवारों एवं छत पर पक्षियों हेतु 40 परिंडे लगवाए।

जिला कलक्टर शुक्ला ने नगरीय निकायों को निर्देशित किया है कि वे आमजन, पशु-पक्षियों के हित में ठोस कदम उठाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए कहा कि प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी को देखते हुए

ऐसे स्थानों का चिन्हिकरण किया जाए, जो कि गर्मी के मध्यनजर असुरक्षित हैं। ऐसे स्थानों पर आश्रय गृह बनाकर उनमें पीने के पानी, पंखे-कूलर, ओआरएस के पैकेट्स की व्यवस्था की जाए।

कलक्टर शुक्ला ने कहा, “गर्मी का प्रकोप मानव जाति के साथ-साथ पशु और पक्षियों पर भी भारी पड़ रहा है। इसलिए, उन्होंने कोई भी प्यास ना रहे अभियान में भामाशाहों, कार्मिक संगठन, धार्मिक ट्रस्ट आमजन,

समाज सहयोगी एवं स्वयंसेवी संस्थाओं से अपील की वे पशु पक्षियों के लिए दाना, चारा और पानी की व्यवस्था एवं सार्वजनिक स्थानों पर छाया, पानी एवं कुलर की व्यवस्था जैसे पुनीत कार्यों में अपनी सहभागिता दर्ज करें ताकि इस जानलेवा गर्मी के दौर में किसी भी जीव पर

संकट न आए।” यह संयुक्त पहल एक सराहनीय कदम है, जो मानवता और प्रकृति के सह-अस्तित्व का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है। इससे न केवल पक्षियों को राहत मिलेगी, बल्कि आम जनता में भी पर्यावरण और जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशीलता बढ़ेगी।

नगर परिषद खैरथल आयुक्त एवं नगर परिषद भिवाड़ी आयुक्त ने बताया कि भीषण गर्मी से बचने हेतु बस स्टैंड पर छाया व कूलर की व्यवस्था की गई तथा विभिन्न जगहों पर परिंदे लगाकर पक्षियों के लिए दाना व पानी की व्यवस्था भी की गई। उन्होंने बताया कि बस स्टैंड

सहित विभिन्न जगहों पर पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था भी की गई है।पंचायती राज विभाग ने भी इस अभियान के तहत अभी तक सभी पंचायत समितियों एवं कस्बों के पेड़ों पर परिंडे लगाने, पशु खैलियों में पानी

भरने और चारे की व्यवस्था करने की पहल की है। इसी प्रकार विभिन्न गैर सरकारी संस्थाओं द्वारा भी अलग-अलग जगह पर परिंडे लगाने जैसी पहल की जा रही है।

रिपोर्टर मुकेश कुमार

You missed

Con l'arrivo dell'autunno, molti autori aggiornano blog e siti personali, trasformandoli in spazi più ordinati e utili. Per capire come renderli davvero efficaci, vale la pena approfondire il tema. Pochi o troppi mirtilli: cosa cambia colazione dolce o salata: 5 alimenti Caffè nero o zuccherato: aggiunta benefica Potare male le rampicanti quattro bevande alimentazione ideale per i reni Autunno: guida alla potatura delle perenni Mirtilli o banane: meglio per la pressione D'autunno il passo svela la Tre farmaci o pressione ancora alta emicrania o cefalea: tipi e Anche il Botox richiede L'aglio invernale vuole un'aiuola ben nutrita Durante la anche i coperchi quando la pelle appare meno tonica Quando aspetti il bus e annoti un'idea sul telefono, capisci quanto un blog personale possa raccogliere pensieri semplici e trasformarli in una voce riconoscibile.