बरेली, 18 अगस्त। मंडलायुक्त शम्भू कुमार की अध्यक्षता में आयुक्त कार्यालय सभागार में 2 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली निर्माण परियोजनाओं की समीक्षा बैठक हुई। मंडलायुक्त ने कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए कि जो कार्य शुरू होते जाएं, उन्हें तत्काल पोर्टल पर अपलोड किया जाए और पूर्ण परियोजनाओं को संबंधित विभाग को हैंडओवर करने की प्रक्रिया समय से पूरी की जाए।


मंडलायुक्त ने नाथ कॉरिडोर के अंतर्गत अधूरे मंदिरों के निर्माण कार्यों को एक सप्ताह के भीतर शत-प्रतिशत पूरा कराने के निर्देश उपनिदेशक पर्यटन को दिए। साथ ही पूर्ण हो रही परियोजनाओं का शत-प्रतिशत निरीक्षण कराने और समय से एनओसी के लिए आवेदन करने को कहा।
बैठक में कई परियोजनाओं में अनावश्यक देरी पर मंडलायुक्त ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जिन कार्यदायी संस्थाओं के कार्य लंबे समय से लंबित हैं, उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। किसी मामले में तकनीकी या प्रशासनिक अड़चन हो तो वरिष्ठ अधिकारियों से वार्ता कर उसका समाधान निकाला जाए।


कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में निर्माण कार्य की गुणवत्ता खराब मिलने पर मंडलायुक्त ने नाराजगी जताई और कार्यदायी संस्था को तत्काल गुणवत्ता में सुधार के निर्देश दिए। वहीं राजकीय आईटीआई के प्रोजेक्ट मैनेजर के बैठक में अनुपस्थित रहने पर भी नाराजगी व्यक्त करते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
बदायूं में कई छोटी-बड़ी परियोजनाओं का कार्य अब तक शुरू नहीं होने पर मंडलायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को जल्द से जल्द निर्माण कार्य प्रारंभ कराने के निर्देश दिए। बरेली और पीलीभीत में धनराशि के अभाव के कारण ड्रग वेयरहाउस निर्माण में हो रही देरी पर शासन को पत्राचार करने के निर्देश भी दिए गए।


मंडलायुक्त ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत चार वर्ष पूरे कर चुके प्रोजेक्टों की जांच कराने के भी निर्देश दिए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि पूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन संबंधित जनप्रतिनिधियों के कर-कमलों द्वारा कराया जाए।
बैठक में संयुक्त विकास आयुक्त, उपनिदेशक पर्यटन, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग सहित विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारी मौजूद रहे।