बरेली, 12 अगस्त 2026। ऑनलाइन दवा बिक्री को लेकर बरेली में औषधि विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। सहायक आयुक्त (औषधि), बरेली मंडल, बरेली के निर्देश पर जनपद में Blinkit के माध्यम से ऑनलाइन दवाओं की बिक्री करने वाली फर्म मेसर्स Moonstone Venture LLP, अपर ग्राउंड फ्लोर, नेकपुर, थाना सुभाष नगर, बरेली पर औषधि विभाग की टीम ने छापेमारी की। जांच के दौरान दवाओं के क्रय-विक्रय से जुड़े अभिलेखों से लेकर दवाओं के रखरखाव और बिलिंग व्यवस्था तक कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
जानकारी के अनुसार, 11 अगस्त 2026 को सहायक आयुक्त औषधि, बरेली मंडल, संदीप कुमार द्वारा Blinkit के माध्यम से ऑनलाइन दवा मंगाई गई थी। ऑनलाइन माध्यम से दवा की बिक्री की प्रक्रिया की जांच के क्रम में अगले दिन 12 अगस्त को सहायक आयुक्त (औषधि) के निर्देश पर संबंधित फर्म के विरुद्ध औषधि विभाग की टीम ने कार्रवाई की।


सहायक आयुक्त औषधि संदीप कुमार के नेतृत्व में छापेमारी
फर्म पर हुई कार्रवाई में औषधि निरीक्षक बरेली राजेश कुमार सहित औषधि विभाग की टीम शामिल रही। छापेमारी के समय फर्म में रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट विजय कुमार मौजूद थे। उनकी उपस्थिति में टीम ने फर्म के औषधि विक्रय लाइसेंस, एलोपैथिक औषधियों के क्रय-विक्रय संबंधी अभिलेखों और स्टॉक में रखी दवाओं की गुणवत्ता एवं वैधता की गहन जांच की।
टीम ने मेडिकल स्टोर में विक्रय के लिए रखी गई सभी औषधियों की बारीकी से जांच की। इस दौरान स्टॉक और संबंधित अभिलेखों के मिलान में कुल पांच प्रकार की एलोपैथिक औषधियों में भिन्नता पाई गई।
विक्रय बिल और अभिलेखों में भी मिली खामियां
जांच के दौरान औषधि विभाग की टीम को विक्रय बीजकों में भी कई कमियां मिलीं। जांच में पाया गया कि विक्रय बीजक पर लाइसेंस के फॉर्म-21 का उल्लेख नहीं किया गया था। इसके अलावा विक्रय बीजक पर फर्म का पता भी सही दर्ज नहीं पाया गया।
वहीं, दवाओं के विक्रय बिल पर संबंधित चिकित्सक का रजिस्ट्रेशन नंबर अंकित नहीं पाया गया। जांच टीम ने इसे भी गंभीर अनियमितता के रूप में दर्ज किया।


Schedule H1 दवाओं के रिकॉर्ड में भी लापरवाही
जांच के दौरान Schedule H1 रजिस्टर अपडेट नहीं पाया गया। इसके अलावा एक्सपायरी हो चुकी दवाओं को अन्य दवाओं से अलग रखने की निर्धारित व्यवस्था भी मौके पर नहीं मिली। दवाओं के लेबल से संबंधित अन्य कमियां भी जांच टीम के संज्ञान में आईं।
औषधि विभाग की टीम ने मौके पर पाई गई सभी कमियों और अनियमितताओं को निरीक्षण आख्या में दर्ज किया।
कंप्यूटर सिस्टम और फ्रिज के इस्तेमाल में भी मिली अनियमितता
जांच में फर्म के कंप्यूटर सिस्टम में भी औषधियों की बैच नंबर के आधार पर एंट्री नहीं पाई गई। इसके साथ ही दवाओं के सुरक्षित भंडारण के लिए इस्तेमाल किए जा रहे फ्रिज के उपयोग में भी निर्धारित मानकों के अनुरूप व्यवस्था नहीं मिली।
टीम द्वारा इन सभी बिंदुओं को गंभीरता से लेते हुए मौके पर तैयार की गई निरीक्षण आख्या में दर्ज किया गया है।
अग्रिम आदेश तक दवाओं की खरीद-बिक्री पर रोक
जांच के दौरान सामने आई इन गंभीर अनियमितताओं के बाद औषधि विभाग ने फर्म मेसर्स Moonstone Venture LLP के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की। औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत फर्म द्वारा औषधियों के क्रय-विक्रय पर तत्काल प्रभाव से अग्रिम आदेशों तक रोक लगा दी गई है।
मौके पर तैयार की गई निरीक्षण आख्या को आवश्यक अग्रिम कार्रवाई के लिए सहायक आयुक्त औषधि, बरेली मंडल, बरेली को प्रेषित कर दिया गया है।
औषधि विभाग की इस कार्रवाई के बाद ऑनलाइन माध्यम से दवाओं की बिक्री और उनके भंडारण, बिलिंग तथा रिकॉर्ड व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हुए हैं। विभाग द्वारा की गई जांच में सामने आई अनियमितताओं के आधार पर अब फर्म के विरुद्ध आगे की नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।