
बरेली, 9 जुलाई। मंडलायुक्त भूपेंद्र एस. चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को कमिश्नरी सभागार में वर्ष-2026 की मंडलीय सड़क सुरक्षा समिति की द्वितीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में बरेली मंडल के चारों जिलों में सड़क दुर्घटनाओं की समीक्षा करते हुए दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए कई अहम निर्देश जारी किए गए।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि बरेली में सड़क दुर्घटनाओं में मृतकों की संख्या में 7.17 प्रतिशत और बदायूं में 10.55 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है, जबकि पीलीभीत में 3.50 प्रतिशत तथा शाहजहांपुर में 25.51 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस पर मंडलायुक्त ने चिंता जताते हुए एनएचएआई और लोक निर्माण विभाग को सभी ब्लैक स्पॉट और दुर्घटना संभावित स्थलों पर ज्योमेट्री सुधार, संकेतक बोर्ड, रंबल स्ट्रिप और अन्य सुरक्षा उपाय प्राथमिकता के आधार पर कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने पीलीभीत और शाहजहांपुर में दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए ओवरस्पीड, शराब पीकर वाहन चलाने और यातायात नियमों के उल्लंघन के खिलाफ संयुक्त विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही बार-बार नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन पंजीकरण निरस्त या निलंबित करने की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में सीतारगंज मार्ग पर प्रस्तावित शामली-गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना के कारण स्थायी सुधार कार्य फिलहाल संभव न होने की जानकारी दी गई। इस पर मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि निर्माण शुरू होने तक मार्ग पर गति सीमा संबंधी संकेतक और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाएं तत्काल स्थापित की जाएं।

शाहजहांपुर में बढ़ती दुर्घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने बरेली मोड़ से जलालाबाद तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर मौजूद सभी अवैध कटों का सर्वे कर उन्हें तत्काल बंद कराने के निर्देश दिए।
आवारा पशुओं से होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम पर भी चर्चा हुई। एनएचएआई ने बताया कि बरेली से सीतापुर तक 160 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग पर चार इंसिडेंट मैनेजर टीमें और प्रत्येक के साथ दो-दो एनिमल कैचर तैनात किए गए हैं। मंडलायुक्त ने इन टीमों का पूरा विवरण परिवहन विभाग को उपलब्ध कराने तथा पंचायत विभाग के साथ समन्वय बनाकर ग्रामीण क्षेत्रों में भी सड़क सुरक्षा योजना लागू करने के निर्देश दिए।
आगामी कांवड़ यात्रा को देखते हुए मंडलायुक्त ने यात्रा मार्गों का पूर्व निरीक्षण, सड़क मरम्मत, बैरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था, संकेतक, चिकित्सा और आपातकालीन सेवाओं सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूरी करने के निर्देश दिए।

बैठक में यह भी बताया गया कि 1 से 15 जुलाई तक विद्यालय वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत फिटनेस, परमिट, बीमा, जीपीएस, सीसीटीवी, स्पीड गवर्नर और अन्य सुरक्षा मानकों की जांच की जा रही है। मंडलायुक्त ने नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूल वाहनों पर कड़ी कार्रवाई करने और बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

बैठक के अंत में मंडलायुक्त ने सभी विभागों को 5E मॉडल (Engineering, Enforcement, Education, Emergency Care और Evaluation/Data) के तहत समन्वित रूप से कार्य करते हुए सड़क दुर्घटनाओं और मृत्यु दर में प्रभावी कमी लाने के लिए निरंतर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य, एडीएम (नगर) अविनाश त्रिपाठी, एसपी ट्रैफिक मोहम्मद अकमल खान, संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य डॉ. तेजपाल, संभागीय परिवहन अधिकारी पंकज सिंह, प्रवर्तन अधिकारी प्रणव झा सहित विभिन्न विभागों के मंडल स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।