
बरेली। बरेली छावनी परिषद ने गौ-संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए भारत की किसी भी छावनी में अपनी तरह की पहली आधुनिक गौशाला परियोजना का भूमि पूजन सम्पन्न किया। छावनी क्षेत्र में गारबेज टू गोल्ड सेंटर, ठिरिया रोड, सदर के निकट लगभग 7.5 एकड़ भूमि पर विकसित होने वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना का शुभारंभ गरिमामय वातावरण में किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के पशुपालन एवं डेयरी विभाग के कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह रहे। इस अवसर पर बरेली लोकसभा क्षेत्र के सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार जनप्रतिनिधि, अधिकारी और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह ने आधुनिक गौशाला परियोजना की सराहना करते हुए इसे छावनी क्षेत्रों में गौ-संरक्षण का नया मॉडल बताया। उन्होंने परियोजना के लिए ₹1 करोड़ 60 लाख की आर्थिक सहायता देने तथा 400 उच्च नस्ल की गायें उपलब्ध कराने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह गौशाला देश की अन्य छावनियों के लिए भी अनुकरणीय उदाहरण बनेगी।
इस परियोजना की परिकल्पना और क्रियान्वयन बरेली छावनी परिषद की मुख्य अधिशासी अधिकारी (CEO) डॉ. तनु जैन द्वारा किया गया है। डॉ. तनु जैन के प्रयासों से प्राप्त लगभग साढ़े सात एकड़ भूमि पर विकसित होने वाली इस गौशाला को आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक प्रबंधन के आधार पर तैयार किया जाएगा।

परियोजना में विशाल गौ-शेड, सुव्यवस्थित पशु आवास, आधुनिक चारा भंडारण एवं फीड सिस्टम, स्वच्छ पेयजल व्यवस्था, पशु चिकित्सालय, जल संरक्षण प्रणाली, प्रशासनिक भवन, सौर ऊर्जा आधारित विद्युत व्यवस्था, बायोगैस प्लांट, वैज्ञानिक गोबर प्रबंधन प्रणाली और जैविक खाद उत्पादन इकाई जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
यह गौशाला केवल गौवंश संरक्षण तक सीमित नहीं होगी, बल्कि जैविक कृषि, स्वच्छ ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को बढ़ावा देने का कार्य करेगी। संपूर्ण परिसर को हरित और पर्यावरण अनुकूल स्वरूप दिया जाएगा।

परियोजना के सफल क्रियान्वयन में छावनी परिषद के नामित सदस्य श्री वैभव जायसवाल का भी विशेष सहयोग रहा है। छावनी परिषद का यह प्रयास आधुनिक तकनीक और भारतीय परंपराओं के समन्वय का उदाहरण बनेगा।
डॉ. तनु जैन के नेतृत्व में छावनी परिषद की नई पहचान
बरेली छावनी परिषद की CEO डॉ. तनु जैन को उनके नवाचार और जनहितकारी कार्यों के लिए “इनोवेशन इन पब्लिक सर्विस अवॉर्ड” से सम्मानित किया जा चुका है। यह सम्मान उनके पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा सुधार और जन केंद्रित प्रशासनिक पहल के लिए प्रदान किया गया। केंद्रीय मंत्री श्री पीयूष गोयल द्वारा उन्हें सम्मानित किया गया।
डॉ. तनु जैन के नेतृत्व में बरेली छावनी क्षेत्र में पर्यावरण सुधार, हरित पहल, शिक्षा व्यवस्था में बदलाव, सामुदायिक सहभागिता और बेहतर सार्वजनिक सेवा वितरण के कई कार्य किए गए हैं।
शिक्षा और महिला सशक्तिकरण की दिशा में पहल
विश्व साइकिल दिवस के अवसर पर बरेली छावनी परिषद ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की 108 छात्राओं को निःशुल्क साइकिल वितरित की। इस पहल का उद्देश्य छात्राओं को शिक्षा के लिए बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना, महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना और पर्यावरण संरक्षण को मजबूत करना था।
इसके अलावा छावनी क्षेत्र के विद्यालयों में आधुनिक शिक्षा और स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए भी कई कदम उठाए गए हैं। रोबोटेक्स इंडिया के सहयोग से स्कूलों में AI और रोबोटिक्स आधारित “भविष्य के कौशल एवं नवाचार केंद्र” स्थापित किए गए हैं।
छावनी परिषद द्वारा स्वच्छता की पाठशाला जैसे कार्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य बच्चों में स्वच्छता और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
इन पहलों का लाभ आरएन टैगोर इंटर कॉलेज, आरएन टैगोर जूनियर हाई स्कूल, कैंट गर्ल्स प्राइमरी स्कूल और आरए बाजार प्राथमिक विद्यालय सहित छावनी क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों को मिल रहा है।
बरेली छावनी परिषद की आधुनिक गौशाला परियोजना अब केवल एक निर्माण कार्य नहीं, बल्कि गौ-संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा सुधार और जनभागीदारी आधारित विकास मॉडल के रूप में सामने आ रही है। आने वाले समय में यह परियोजना देश की अन्य छावनियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकती है।