
बरेली। स्थानीय निकाय सफाई कर्मचारी संघ द्वारा नगर निगम प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन के बाद सफाई कर्मियों के वेतन और सुविधाओं को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच नगर निगम ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए एक आधिकारिक विज्ञप्ति जारी की है।
जानकारी के अनुसार, 15 तारीख को स्थानीय निकाय सफाई कर्मचारी संघ की बैठक आयोजित हुई थी, जिसके बाद 22 तारीख को नगर आयुक्त को एक ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में आउटसोर्सिंग व्यवस्था के तहत कार्यरत सफाई मित्रों को शासन द्वारा निर्धारित 435 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी, स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं, बीमा तथा अन्य लाभ उपलब्ध कराने की मांग की गई थी।
इस दौरान नगर स्वास्थ्य अधिकारी और कुछ सफाई कर्मचारियों के बीच विवाद की स्थिति भी उत्पन्न हुई, जिसके चलते मामला चर्चा का विषय बना रहा। इसके बाद नगर निगम प्रशासन ने पूरे मामले पर अपना पक्ष रखते हुए विस्तृत स्पष्टीकरण जारी किया।
नगर निगम द्वारा जारी विज्ञप्ति में बताया गया कि शहर के 35 वार्डों में सफाई व्यवस्था निविदा (टेंडर) प्रक्रिया के माध्यम से संचालित की जाती है। पिछले वर्ष आउटसोर्सिंग कर्मियों के लिए निर्धारित दर 412 रुपये प्रतिदिन थी। वहीं, इस वर्ष निविदा के नवीनीकरण के बाद यह दर बढ़ाकर 435.14 रुपये प्रतिदिन कर दी गई है। निगम प्रशासन के अनुसार, कर्मचारियों द्वारा ज्ञापन में की गई मांग के अनुरूप आवश्यक पत्रावलियों पर कार्यवाही की जा चुकी है और संबंधित प्रक्रिया भी आगे बढ़ा दी गई है।
कुछ स्थानों से ठेकेदारों द्वारा सफाई कर्मियों को निर्धारित दर से कम वेतन दिए जाने की शिकायतें सामने आई थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए निगम प्रशासन ने मामले की जांच और परीक्षण प्रक्रिया शुरू कर दी है। जांच के आधार पर संबंधित ठेकेदारों और जिम्मेदार पक्षों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम ने अपने बयान में यह भी कहा कि सफाई व्यवस्था शहर की मूलभूत और आवश्यक सेवा है। ऐसे में कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा सफाई कार्य में बाधा उत्पन्न करने का प्रयास किया गया है। प्रशासन ने चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसे व्यक्तियों को चिन्हित किया जा रहा है और उनके विरुद्ध नियमानुसार कानूनी एवं प्रशासनिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
नगर निगम प्रशासन ने सभी सफाई कर्मियों और कर्मचारी संगठनों से संवाद बनाए रखने तथा समस्याओं के समाधान के लिए सकारात्मक सहयोग की अपील की है, ताकि शहर की सफाई व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित होती रहे और नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।