बदायूं। राष्ट्रीय एनआरपी दिवस के अवसर पर, 10 मई को जिला महिला अस्पताल में नवजात शिशुओं की जान बचाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य प्रसव के तुरंत बाद न रोने वाले नवजात शिशुओं को ‘गोल्डन मिनट’ (जीवन का पहला सुनहरा मिनट) में आवश्यक सहायता प्रदान कर उनकी जान बचाना था।

कार्यशाला में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के डॉक्टर्स और नर्सों सहित 100 लोगों को दो बैचों में राष्ट्रीय एनआरपी का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण को जिला महिला अस्पताल के एसएनसीयू के विशेषज्ञ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप वार्ष्णेय और चिकित्सा अधिकारी डॉ आशीष कुमार द्वारा संयुक्त रूप से दिया गया।इस कार्यक्रम में जिला महिला अस्पताल की स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ अनामिका सिंह चौहान, प्रभारी सीएमओ डॉ नवनीत सिंह, और डिप्टी सीएमओ डॉ राजवीर गंगवार की उपस्थिति रही, जिन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों का उत्साहवर्धन किया। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर मिले सही प्रशिक्षण से नवजात की जान बचाकर मृत्यु दर में भारी कमी लाई जा सकती है।