जिसमें लगभग 400 विद्यार्थियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
सहसवान- जयपुरिया विद्यालय में कार्यक्रम का मुख्य विषय वसुधैव कुटुम्बकम् रहा, जो पूरे विश्व को एक परिवार मानने का संदेश देता है। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने उत्तर भारत, दक्षिण भारत तथा कश्मीरी लोकनृत्य सहित विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं। प्रस्तुतियों में भारतीय सेना के शौर्य, स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान तथा मानवता के प्रति प्रेम को सुंदर ढंग से अभिव्यक्त किया गया। सर्वजन स्वास्थ्य के संदेश को आगे बढ़ाते हुए योग की विशेष प्रस्तुति भी कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रही।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अरिजीत घोष (वीपी – एकेडमिक्स), सुश्री दीपिका सिंह (एजीएम – ऑपरेशंस) एवं मुनिश (एजीएम – एकेडमिक्स), सेठ एम.आर. जयपुरिया ग्रुप ऑफ स्कूल्स उपस्थित रहे। अपने संबोधन में अरिजीत घोष ने कहा कि समग्र शिक्षा केवल एक नारा नहीं, बल्कि एक गहन विचारधारा है। हम बच्चों में नागरिकता के मूल्यों को विकसित करते हैं, जिससे वे सौहार्दपूर्ण वातावरण में रहना और एक-दूसरे के साथ सामंजस्य बनाकर चलना सीखें।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसके पश्चात मनमोहक गणेश वंदना प्रस्तुत की गई। माँ काली की प्रस्तुति ने नवरात्रि के उत्सवी माहौल को और अधिक जीवंत बना दिया।
विद्यालय के निदेशक अश्विनी माहेश्वरी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि किसी भी विद्यार्थी की तुलना नहीं करनी चाहिए, क्योंकि प्रत्येक बच्चा अपनी विशिष्ट प्रतिभा के साथ विशेष होता है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विद्यालय की प्रधानाचार्या सुश्री प्रवीण अरोड़ा ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए विद्यालय की उपलब्धियों, शैक्षणिक उत्कृष्टता तथा सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों की जानकारी साझा की।
यह भव्य आयोजन शिक्षकों और विद्यार्थियों के अथक परिश्रम एवं समर्पण का परिणाम रहा, जिसके कारण कार्यक्रम अत्यंत सफल और यादगार बना।