बदायूं। प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जनपद में क्षय रोग के उन्मूलन के लिए प्रयास तेज कर दिए गए हैं। अभियान के 100 दिवसीय विशेष टीबी कार्यक्रम के द्वितीय चरण के अंतर्गत मंगलवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में क्षय रोगियों को गोद लेने और उन्हें पोषण पोटली उपलब्ध कराने का एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया।
सीएमओ ने ली 5 मरीजों की जिम्मेदारी
कार्यक्रम के दौरान सीएमओ डॉ विकास शर्मा ने खुद आगे बढ़कर 5 क्षय रोगियों को गोद लिया और उन्हें पोषण पोटली सौंपी। डॉ शर्मा ने उपस्थित लोगों को टीबी रोग के लक्षण, जांच, मुफ्त इलाज और इससे बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री द्वारा स्वास्थ्य क्षेत्र में चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं पर भी प्रकाश डाला।
डीबीटी से मिल रही वित्तीय सहायता

सीएमओ डॉ विकास शर्मा ने बताया कि भारत सरकार द्वारा हर टीबी मरीज को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से 1000 रुपये प्रति माह की सहायता दी जा रही है। इसके तहत जांच में टीबी की पुष्टि होते ही मरीज को 3000 रुपये की एडवांस किस्त दी जाती है। इसके बाद 84 दिनों तक नियमित दवा खाने पर 3000 रुपये की दूसरी किस्त सीधे मरीज के खाते में भेजी जाती है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने भी बढ़ाए हाथ
सीएमओ के साथ स्वास्थ्य विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी इस पुनीत कार्य में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। डॉ मोहन झा ने एक मरीज और डॉ तहसीन ने एक मरीज को गोद लिया।डॉ विनेश कुमार जिला क्षय रोग अधिकारी ने एक मरीज को गोद लिया।संदीप राजपूत (डीपीपीएमसी) ने एक मरीज को गोद लिया।सूरजपाल सिंह ने भी एक मरीज को गोद लेकर पोषण पोटली उपलब्ध कराई।
कार्यक्रम में पुनः पांच और टीबी मरीजों को गोद लेकर सहायता प्रदान की गई
अब मात्र 2 घंटे में होगी एमडीआर टीबी की जांच
सीएमओ ने साधारण और एमडीआर
(मल्टी-ड्रग रेजिस्टेंट) टीबी मरीजों की जांच व इलाज के बारे में विस्तार से बताते हुए एक बड़ी तकनीकी प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जिस जीन एक्सपर्ट की रिपोर्ट के लिए पहले मरीजों को 30 से 45 दिनों का लंबा इंतजार करना पड़ता था, वह अब ‘सीबी नैट’ और ‘ट्रू नैट’ मशीनों के माध्यम से मात्र 2 घंटे में उपलब्ध हो जाती है। इससे एमडीआर टीबी का तुरंत पता चल जाता है और इलाज जल्दी शुरू हो पाता है।
सभी सरकारी केंद्रों पर सुविधा मुफ्त
डॉ शर्मा ने स्पष्ट किया कि यह आधुनिक जांच और इलाज की सुविधा जनपद के जिला पुरुष अस्पताल, राजकीय मेडिकल कॉलेज के साथ-साथ सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और ब्लॉक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध है। उन्होंने आमजन से अपील कि टीबी के लक्षण दिखने पर तुरंत सरकारी अस्पतालों में जांच कराएं।