मदरसा छात्रों को दी काकोरी एक्शन कि जानकारी

यूपी जनपद सम्भल में मदरसा ज़ियाउल उलूम सरायतरीन संभल मे काकोरी ट्रैन एक्शन हेतु शासन आदेश का पालन करते हुए और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग संभल के दिशा निर्देशानुसार जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी दिलीप कुमार के मार्गदर्शन मे मदरसा ज़ियाउल उलूम सरायतरीन के छात्र छात्राओं को काकोरी ट्रैन एक्शन के बारे मे प्रधानाचार्य ने
विस्तार से जानकारी दी । जबकि मदरसा छात्रों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये।

प्रधानाचार्य राशिद अली ने बताया कि 
‘काकोरी ट्रेन कांड’अब ‘काकोरी ट्रेन एक्शन’
चर्चा में क्यों? क्यूंकि। हाल ही में उत्तर प्रदेश सरकार ने भारत के स्वाधीनता संग्राम के इतिहास के एक अहम् अध्याय ‘काकोरी कांड’ का नाम बदलकर ‘काकोरी ट्रेन एक्शन’ कर दिया है। इसलिये इसका नाम बदल दिया गया आई। बोले ‘कांड’ शब्द भारत के स्वतंत्रता संग्राम के तहत इस घटना के अपमान की भावना को दर्शाता है। वरिष्ठ शिक्षक नासिर अली खान ने बताया कि काकोरी ट्रेन एक्शन एक ट्रेन डकैती थी, जो 9 अगस्त, 1925 को लखनऊ के पास काकोरी नामक गाँव में ब्रिटिश राज के खिलाफ भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के क्रांतिकारियों द्वारा की गई थी। इस कार्यवाही मे हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन के क्रांतिकारी राम प्रसाद बिस्मिल,अशफाकउल्लाह खान, राजेंद्र लाहिड़ी, केशव चक्रवर्ती, मुकुंदी लाल, बनवारी लाल सहित 10 क्रांतिकारियों ने अंजाम दिया था। 
मोहम्मद मशकूर बोले कि स्वतंत्रता सेनानी राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाकउल्लाह खान और रोशन सिंह को 19 दिसंबर, 1927 को काकोरी डकैती में शामिल होने के लिये फाँसी पर लटका दिया गया था। जिनकी क़ुरबानी को देश सदैव याद रखेगा। इस अवसर मदरसे के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों सुन्दर मंचन किया। इस आयोजन आयोजन के मौके पर मदरसे का समस्त स्टॉफ मुख्य रूप से मौजूद रहा।

सम्भल से खलील मलिक कि ख़ास रिपोर्ट

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