वन महोत्सव हरियालो राजस्थान के तहत जिले भर में लगाए 3.50 लाख पौधे

भिवाड़ी नगर वन में मियावाकी पद्धति से 50,000 पौधे रोपित

हरियालो राजस्थान अभियान के तहत प्रभारी सचिव ने किया पौधारोपण, औद्योगिक इकाइयों से भी की भागीदारी की अपील

खैरथल-तिजारा । 27 जुलाई मुख्य अतिथि प्रभारी सचिव एवं प्रबंध निदेशक रीको शिवांगी स्वर्णंकार की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री वृक्षारोपण महाअभियान कार्यक्रम का आयोजन नगर वन खंड ‘ए’ भिवाड़ी में किया गया। इस दौरान जिला कलेक्टर किशोर कुमार,

मुख्य कार्यकारी अधिकारी बीडा अतुल प्रकाश , पुलिस अधीक्षक प्रशांत किरण, अतिरिक्त जिला कलेक्टर सुमित्रा मिश्र सहित अन्य विभाग के अधिकारी एवं औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

अपने उद्बोधन में श्रीमती स्वर्णंकार ने इस सराहनीय पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए वृक्षारोपण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने आमजन से आह्वान किया कि वे अपने घरों, मोहल्लों और संस्थानों के आसपास अधिक से अधिक पौधे लगाएं तथा उनकी सुरक्षा व सिंचाई की जिम्मेदारी भी स्वयं निभाएं।

उन्होंने बताया कि इस वर्ष राज्य सरकार द्वारा वृक्षारोपण के साथ-साथ पौधों की सुरक्षा व नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए समुचित योजना बनाई गई है, जिससे लगाए गए पौधे जीवित और सुरक्षित रह सकें।
इस अवसर पर उन्होंने औद्योगिक क्षेत्र की विभिन्न इकाइयों के प्रतिनिधियों से भी अपील की कि वे अपने परिसरों एवं आसपास की खाली भूमि पर वृक्षारोपण करें और ‘कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR)’ के तहत पर्यावरणीय गतिविधियों में सक्रिय सहयोग करें।

वृक्षारोपण कार्यक्रम के दौरान जिला कलेक्टर किशोर कुमार ने अपने उद्बोधन में कहा कि जिले ने विभिन्न राज्य स्तरीय अभियानों जैसे वंदे गंगा एवं पंडित दीनदयाल उपाध्याय संबल पखवाड़ा में उल्लेखनीय प्रदर्शन कर राजस्थान में विशिष्ट स्थान प्राप्त किया है, जो कि समस्त जिलेवासियों के लिए गर्व की बात है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि ‘हरियालो राजस्थान’ अभियान में भी जिले का प्रदर्शन उत्कृष्ट रहेगा।

श्री कुमार ने बताया कि इस वर्ष राज्य स्तर पर 10 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें से 15 लाख पौधों का दायित्व खैरथल-तिजारा जिले को सौंपा गया है। उन्होंने कहा कि लक्ष्य को केवल एक आंकड़ा न मानकर इसे जनआंदोलन के रूप में अपनाना होगा, ताकि हम निर्धारित लक्ष्य से कहीं अधिक पौधारोपण कर राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त कर सकें।
उन्होंने ‘हरियाली तीज’ अवसर पर जिले को दिए गए 2 लाख पौधों के लक्ष्य को बढ़ाकर 3.50 लाख पौधे रोपित किए गए।

जल संरक्षण के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि वनावरण और वर्षा का घनिष्ठ संबंध है। अधिक पेड़ लगाकर हम न केवल हरियाली बढ़ा सकते हैं, बल्कि जल स्रोतों को भी पुनर्जीवित कर सकते हैं। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे वृक्षारोपण के साथ-साथ उनके संरक्षण और नियमित सिंचाई की जिम्मेदारी भी निभाएं, ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ व समृद्ध पर्यावरण की सौगात दी जा सके।

एसीएफ संजय चौधरी ने बताया कि नगर वन ‘ए’ एवं भी में मियावाकी पद्धति द्वारा 100000 पौधे लगाए जाएंगे। जिसमें से 50000 पौधे हरियाली तीज पर लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि लगाए गए पौधों में 20000 पौधे वन विभाग एवं 10000 पौधे आईआईएल फाउंडेशन , 7000 पौधे अग्रवाल मेटल 75000पौधे कुसुम हेल्थ केयर ,10000 पौधे गुलशन केमिकल्स , 5000 पौधे

कैच फाऊंडेशंस, 10000 पौधे बीकेटी ,10000 पौधे जैगुआर , 5000 पौधे केईआई, 5000 पौधे पॉलिप्लास्ट साहित अन्य संस्थाओं द्वारा 1 लाख पौधे इस योजना तहत रोपित किए जायेगें। उन्होंने बताया कि हरियाली तीज के अवसर पर जिले भर में रिको, बीड़ा, पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड , जिला परिषद, शिक्षा विभाग, नगर परिषद सहित अन्य विभागों द्वारा लगभग 3.50 लाख पौधे लगाए गए हैं।

इस दौरान स्कूल के नन्हे मुन्ने बच्चों में प्रस्तुति देखकर सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम में जिला प्रशासन, वन विभाग, नगर निकाय, औद्योगिक प्रतिनिधि, विद्यालयों के छात्र-छात्राएं एवं स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।

रिपोर्टर मुकेश कुमार शर्मा

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