मुकेश जैन के नामांकन में उमड़ा समर्थकों का जनसैलाब, परिसर समर्थकों से खचाखच भरा, बोले—सरकार और उद्योगों के बीच पुल बनाऊंगा

भिवाड़ी। भिवाड़ी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (बीएमए) के अध्यक्ष पद के चुनाव इस बार एक तरफा दिखाई पड़ रहा है। शुक्रवार को नामांकन करने पहुँचे बीएमए अध्यक्ष पद के प्रत्याशी मुकेश जैन के समर्थन में सैंकड़ो कि सँख्या में उद्योगपति समर्थको ने अपने निजी वाहनों से पहुँच अपनी मौजूदगी दर्ज करवायी। जिससे बीएमए भवन का परिसर समर्थकों से खचाखच भर गया।

नामांकन दाखिल करने के अंतिम दिन उद्योगपति मुकेश जैन, भारत भूषण, जीएल स्वामी, रतनचंद छाबड़ा और जसवीर सिंह ने समर्थकों के साथ नामांकन प्रस्तुत किया। इससे पहले गुरुवार को डीवीएस राघव ने पर्चा दाखिल किया था। इस तरह कुल छह उम्मीदवार अध्यक्ष पद की दौड़ में शामिल हो गए हैं। इस चुनाव में 1431 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। नाम वापस लेने की अंतिम तिथि दो सितंबर शाम साढ़े चार बजे तक रखी गई है और उसी दिन शाम पांच बजे तक अंतिम

सूची जारी कर दी जाएगी। मतदान 15 सितंबर को होगा और इसी दिन चुनाव परिणाम भी घोषित कर दिए जाएंगे। शुक्रवार को उद्योगपति मुकेश जैन सैकड़ों वाहनों के काफिले और समर्थकों के साथ बीएमए हाउस पहुंचे। उन्होंने निर्वाचन अधिकारी अनिल अग्रवाल को नामांकन सौंपा। उनके साथ बीएमए के पूर्व अध्यक्ष बृज मोहन मित्तल, केकेआईए अध्यक्ष प्रदीप दायमा, उद्यमी अमित नाहटा, सुशील राजपूत, राजवीर दायमा, डॉ शिव कुमार शर्मा सहित बड़ी संख्या में उद्यमी व समर्थक

मौजूद थे। इस मौके पर मुकेश जैन ने कहा कि औद्योगिक विकास के लिए सरकार और उद्योगों के बीच मजबूत संवाद और विश्वास की जरूरत है। उनका कहना था कि यदि उन्हें अध्यक्ष चुना जाता है तो बीएमए में एक नियमित संवाद मंच बनाया जाएगा, जिसमें रीको, बिजली विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के साथ बैठकें आयोजित होंगी।

जैन ने कहा कि उद्योगों की छोटी-बड़ी समस्याओं को प्राथमिकता से समाधान के लिए सरकार तक पहुँचाया जाएगा और निश्चित समयसीमा में निपटारा कराने का प्रयास होगा। साथ ही औद्योगिक नीतियों के मसौदे पर उद्योग जगत की राय को सरकार तक पहुँचाया जाएगा। उनका कहना था कि वे सरकार और उद्योगों के बीच पुल की तरह काम करेंगे। सकारात्मक संवाद से विवाद कम होंगे और विकास की गति कई गुना बढ़ जाएगी।

भिवाड़ी के औद्योगिक क्षेत्र में बीएमए चुनाव हमेशा चर्चा का विषय रहते हैं। इस बार छह उम्मीदवारों के बीच मुकाबला होने से उत्सुकता और बढ़ गई है। दो सितंबर को नाम वापसी के बाद उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी होगी। अब निगाहें 15 सितंबर पर टिकी हैं, जब मतदान के साथ ही नतीजा भी सामने आ जाएगा और तय होगा कि संगठन की बागडोर किसके हाथों में जाएगी।

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