बदायूँ । पुलिस लाइन चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस अपने गणित में तो पास है, मगर नो पार्किंग जोन में खेल अतिक्रमण और जाम की व्यवस्था में ट्रैफिक पुलिस फेल, जबकि प्रशासन के द्वारा इनके स्टैंड शहर के बाहर

बनाएं गए है। मगर पुलिस लाइन चौराहे पर ईको गाड़ियां व ऑटो करीब पंद्रह मिनट तक वहां खड़े रहते है। ट्रैफिक पुलिस के कांस्टेबल मूकदर्शक बने खड़े रहते हैं अपने मोबाइल को देखते रहते है और जाम लगा रहता

है। इस दौरान नो पार्किंग जोन का उल्लंघन करते आधा दर्जन से अधिक ईको, ऑटो वाले नजर आ रहे है। अभी काफी ईको चुनाव की वजह से चौराहे पर नही दिख रही है चुनाव होते ही ईको गाड़ियां की पुलिस लाइन चौराहे

पर बहुतायत देखने को मिलेगी।
ईको गाड़ियां पुलिस लाइन पर सड़क के किनारे खड़ी रहती है यही वजह है कि चौराहे पर हर समय जाम की स्थिति बनी रहती है।

(R)और (S) मार्का वाली ईको गाड़ियां के द्वारा टीआई को जाती महीनेदारी

कई ईको गाड़ियां पर( R) मार्का और कुछ पर (S) मार्का बाकी प्राइवेट कमर्शियल और आटो पीले रंग के भी हैं, जिनके चालकों के द्वारा उगाही करके सभी ईको गाड़ियां और पीले वाले ऑटो से महीनेदारी लेकर टीआई को दी

जाती जो ट्रैफिक पुलिस के लिए इनकम काफी अच्छा जरिया है। इनको इसलिए पुलिस लाइन चौराहे से ट्रैफिक पुलिस वाले नहीं भागते हैं। इसलिए भी जाम की स्थिति बनी रहती है। अगर उच्चाधकारियों के द्वारा इसकी

धरातलीय जांच होती है तो भ्रष्टाचार में ट्रैफिक अधिकारी सिपाही लिप्त पाए जाएंगे।

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