चुनावी हार के बाद संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाना इंडी गठबंधन की राजनीति :- राजीव कुमार गुप्ता

संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने से पहले कांग्रेस अपनी राजनीतिक विफलताओं का करे आत्ममंथन :- राजीव कुमार गुप्ता

बदायूं :- भाजपा कार्यालय पर आयोजित प्रेस वार्ता पर इंडी गठबंधन की झूठ, भ्रम और अफवाह की राजनीति पर जिलाध्यक्ष राजीव कुमार गुप्ता ने मीडिया के बंधुओं से वार्ता की।

जिलाध्यक्ष राजीव कुमार गुप्ता ने कहा कांग्रेस अपनी राजनीतिक और संगठनात्मक कमजोरियों पर आत्ममंथन करने के बजाय संवैधानिक संस्थाओं पर निराधार आरोप लगाकर जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रही है। चुनावी असफलताओं का ठीकरा निर्वाचन आयोग पर फोड़ने के बजाय कांग्रेस को जनादेश और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का सम्मान करना चाहिए।उन्होंने कहा मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दोनों निर्वाचन आयुक्तों डॉ. एस.एस. संधू एवं विवेक जोशी की 26 सितंबर को बैठक के बाद निर्वाचन आयोग ने संयुक्त वक्तव्य जारी किया। इसमें स्पष्ट किया गया कि विशेष गहन पुनरीक्षण सहित सभी प्रमुख निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए हैं। 24 जून 2025 के मूल आदेश से लेकर विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की समय-सारणी तक सभी निर्णय आयोग की पूर्ण सहमति से हुए हैं। उन्होंने कहा कि माननीय उच्चतम न्यायालय ने भी 27 मई 2026 को इस प्रक्रिया को कानूनी रूप से वैध ठहराया है। आगे ने कहा मंत्रिमंडल सचिव को भेजे गए पत्र को लेकर भी विपक्ष ने भ्रम फैलाया, जबकि निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया कि यह किसी नीतिगत निर्णय, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग या विशेष गहन पुनरीक्षण से संबंधित नहीं था, बल्कि प्रतिनियुक्ति पर आए एक अधिकारी की प्रशासनिक कार्यप्रणाली से जुड़ा सीमित आंतरिक मामला था। इसी प्रकार एक अंग्रेजी दैनिक में प्रकाशित रिपोर्ट को भी विपक्ष ने राजनीतिक मुद्दा बनाने का प्रयास किया, जबकि उसमें कोई ठोस तथ्य नहीं था।उन्होंने कहा प्रपत्र-6 को लेकर भी भ्रम फैलाया जा रहा है, जबकि निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि विशेष गहन पुनरीक्षण के संबंध में इसकी प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं किया गया है। विशेष गहन पुनरीक्षण की अवधि के अतिरिक्त निर्वाचक पंजीकरण नियम, 1960 के तहत पूर्ववत प्रक्रिया लागू है। आगे कहा हर पात्र नागरिक को मताधिकार देने के लिए निर्वाचन आयोग प्रतिबद्ध है। दूरदराज के क्षेत्रों, मजदूरों और बेघर लोगों के लिए विशेष शिविर लगाने तथा छूटे हुए लोगों के घरों पर जाकर बूथ स्तर के अधिकारियों द्वारा प्रपत्र एकत्र करने जैसे प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कांग्रेस और उसके सहयोगी दल चुनाव हारने के बाद कभी ईवीएम, कभी निर्वाचन आयोग और कभी अन्य संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाते हैं। राहुल गांधी द्वारा वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान और उसके बाद ईवीएम को लेकर दिए गए बयानों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आरोप लोकतांत्रिक प्रक्रिया के प्रति जनता में भ्रम पैदा करते हैं। उन्होंने कहा राहुल गांधी द्वारा निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाने के साथ-साथ 2019 के राफेल मामले में ‘चौकीदार चोर है’ बयान को लेकर भी उच्चतम न्यायालय की अवमानना की स्थिति बनी थी, जिसके बाद उन्हें उच्चतम न्यायालय में हलफनामा दाखिल कर बिना शर्त माफी मांगनी पड़ी। उन्होंने विदेशों में कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय और अमेरिका के दौरों के दौरान भारतीय न्यायपालिका और उच्चतम न्यायालय की स्वतंत्रता को लेकर दिए गए बयानों तथा राफेल मामले में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट पर की गई टिप्पणियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने आगे कहा वर्ष 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक, वर्ष 2019 के बालाकोट हवाई हमले और वर्ष 2022 के तवांग घटनाक्रम को लेकर भी राहुल गांधी के बयानों पर विवाद सामने आया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा और सेना से जुड़े विषयों पर राजनीतिक बयानबाजी के बजाय तथ्यों और संस्थाओं की गरिमा का ध्यान रखा जाना चाहिए। आगे कहा लोकतंत्र में जनादेश का सम्मान, संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा और चुनावी प्रक्रिया में जनता का विश्वास सर्वोपरि है। कांग्रेस को राजनीतिक लाभ के लिए संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाने के बजाय तथ्यों के आधार पर अपनी बात रखनी चाहिए और अपनी राजनीतिक एवं संगठनात्मक कमियों पर आत्ममंथन करना चाहिए।

Après une journée chargée, on improvise souvent un dîner rapide, puis l'on découvre qu'un plat simple peut avoir le goût d'un bon restaurant. Les recettes de chefs méritent d'être étudiées plus en détail. Entre égouttage et finition en poêle Quand le café refroidit dans la tasse, on pense déjà au dessert : une recette simple peut sauver la fin du repas.